रायपुर.
सड़क हादसे को लेकर आये नए कानून के चलते वाहन चालकों से लेकर बस चालक इस नियम को बदलने को लेकर अड़ गए हैं। जिसके चलते लोग सड़क पर आकर विरोध कर रहे हैं। शहर के अधिकांश हिस्सों में ऑटो चालकों के द्वारा अपने वाहनों को खड़ा कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पेट्रोल पंप ऑपरेटरों के द्वारा पेट्रोल-डीजल नहीं देने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि मंगलवार को शहर में नेशनल हाईवे माड़िन चौक में बस चालकों के साथ ही ऑटो चालकों ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए भारतीय न्याय संहिता की धारा 279 को जन विरोधी तथा परिवहन व्यवसाय व आम लोगों के प्रतिकूल बताते चक्का जाम कर रहे वाहन चालकों-मालिकों को अपना समर्थन दिया। इस कानून के खिलाफ चालकों ने दो दिन से मोर्चा खोल रखा है। वाहन चालकों का कहना है कि किसी भी वाहन को चलाने वाला कभी नहीं चाहता कि कोई दुर्घटना घटित हो। यदि आकस्मिक तौर पर भी ऐसा होता है तो इसकी सजा उसे भुगतने का कानून बनाया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। सरकार को तत्काल राष्ट्रहित में इस कानून को वापस लेना चाहिए। इस मामले को लेकर रेलवे स्टेशन के पास ऑटो चालकों ने अपना ऑटो खड़ा कर दिया, जिसके कारण यात्रियों को पैदल ही जाना पड़ा। इन सबके अलावा शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पेट्रोल-डीजल न होने की दुहाई दे रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों को लौटा दिया जा रहा है।

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