वियतनाम में बड़ा हादसा, 32 भारतीयों से भरी नाव पलटी; 15 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली /हनोई 
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव समुद्र में पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन का राहत बचाव अभियान शुरू हो गया. फिलहाल भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है. प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर भी बनाए गए हैं।  

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक, 3 क्रू मेंबर और 1 अटेंडेंट शामिल थे. हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जबकि बाकी 21 लोगों को बचा लिया गया। 

हादसे की खबर मिलते ही वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करके इस बात की पुष्टि की. दूतावास ने अपने ट्वीट में लिखा, "एक बेहद दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है. हादसे के सटीक विवरण का पता लगाया जा रहा है, स्थानीय अधिकारियों की तरफ से खोज और बचाव अभियान फिलहाल जारी है। 

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नाव होन मे रुट द्वीप से एन थोई पोर्ट लौट रही थी. इसी दौरान तट से करीब 400 मीटर दूर समुद्र में नाव पलट गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उस समय समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही थीं, जिससे हादसा हुआ. हालांकि, घटना के सही कारणों की जांच अभी जारी है. बता दें कि फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और पिछले कुछ वर्षों में यह भारतीय पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में भारतीय यहां छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। 

मदद के लिए बने कंट्रोल रूम, जारी हुए ये नंबर्स
प्रभावित परिवारों की मदद, जानकारी देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में मौजूद भारतीय दूतावास (Consulate General) में एक कंट्रोल रूम तैयार कर दिया गया है. लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

+84 36 281 7930

+84 91 552 37 14

+84 33 452 0414

इसके अलावा हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर +84 91 308 9165 है. दूतावास ने साफ कहा है कि वे किसी भी तरह की पूछताछ या मदद के लिए हर समय तैयार हैं।  

फिलहाल भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना के समय समुद्र में ऊंची लहरें थीं, हालांकि नाव पलटने की असली वजह का पता लगाने के लिए पड़ताल जारी है। 

परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
समंदर की उफनती लहरों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है और हर गुजरते पल के साथ पीड़ितों के परिजनों की सांसें अटकी रही. इस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दूतावास तुरंत एक्शन मोड में आ गया है. प्रभावित परिवारों की मदद और पल-पल की सटीक जानकारी साझा करने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं ताकि संकट की इस घड़ी में अपनों से दूर घबराए परिवारों को तुरंत राहत और सहायता पहुंचाई जा सके. हो ची मिन्ह सिटी में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में +84 36 281 7930, +84 91 552 3714 और +84 33 452 0414 पर संपर्क किया जा सकता है. वहीं, हनोई में बनाए गए कंट्रोल रूम के लिए +84 91 308 9165 नंबर जारी किया गया है। 

वियतनाम बोट हादसे से जुड़ी अहम बातें

• 15 पर्यटकों की मौत: वियतनाम की स्थानीय मीडिया और एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीडबोट पर सवार सभी 36 लोगों को समंदर से बाहर निकाल कर तट पर ला दिया गया है. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है, जबकि 15 पर्यटकों (13 पुरुष और 2 महिलाएं) की मौत हो गई है. सभी जीवित बचे घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। 

दोपहर 1 बजे हुआ हादसा: फू क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन अथॉरिटी के मुताबिक, यह हादसा दोपहर करीब 1 बजे हुआ. ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की इस स्पीडबोट को 57 वर्षीय नगुयेन होंग है चला रहे थे जिसमें 32 भारतीय पर्यटकों के अलावा 3 क्रू मेंबर और 1 फ्लाइट अटेंडेंट सहित कुल 36 लोग सवार थे। 

• तकनीकी खराबी के कारण पलटी बोट: यह स्पीडबोट होन मे रुट से एन थोई पोर्ट (फू क्वोक एयरपोर्ट से लगभग 25 किमी दूर) जा रही थी. होन मे रुट नगोई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर बोट में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण वह समंदर में पलट गई, जिससे सभी लोग पानी में गिर गए. हादसे में कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है लेकिन सटीक संख्या की पुष्टि होनी अभी बाकी है। 

• घटनास्थल के लिए रवाना हुए भारतीय राजदूत: वियतनाम में नियुक्त भारतीय राजदूत इस बेहद संवेदनशील मामले पर वहां के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वे खुद भी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना होने वाले हैं। 

• हो ची मिन्ह और हनोई से दो टीमें भेजी गईं: प्रभावित भारतीयों की तुरंत मदद और रेस्क्यू के लिए भारतीय दूतावास की दो विशेष टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की जा रही हैं. इनमें से पहली टीम आज शाम तक और दूसरी टीम देर रात तक दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभालेगी। 

• दूतावास ने जारी किए 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर: संकट की इस घड़ी में परिवारों को जानकारी और सहायता देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए गए हैं. प्रभावित लोग हो ची मिन्ह सिटी के लिए +84 36 281 7930, +84 91 552 3714, +84 33 452 0414 और हनोई के लिए +84 91 308 9165 पर संपर्क कर सकते हैं। 

युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन 
हादसे के फौरन बाद वियतनाम के स्थानीय प्रशासन और तटीय सुरक्षा एजेंसियों ने कमान संभाल ली है. समंदर की तेज धाराओं और मौसम की चुनौतियों के बीच लापता भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए गोताखोरों और आधुनिक नावों की मदद ली जा रही है. रेस्क्यू टीमें पल-पल समंदर की खाक छान रही हैं. हालांकि, अभी तक हादसे में हताहत हुए लोगों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।