नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने कहा कि एसआईआर के दौरान किसी भी तरह की चूक होने पर अधिकारियों को जवाबदेह माना जाएगा।
आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कर यह बयान दिया। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी बैठकों में मौजूद थे। बंगाल में 18 नवंबर की शाम 6 बजे तक 7.63 करोड़ गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं। कुल 1.09 करोड़ फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं।
दूसरी तरफ, केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश में एक-एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आत्महत्या कर चुके हैं। पश्चिम बंगाल में एक बीएलओ ने आत्महत्या की धमकी दी है। मंगलवार को तमिलनाडु के तंजावुर में एक आंगनबाड़ी सेविका ने जान देने की कोशिश की। इनके परिवारों और अन्य अधिकारियों ने अत्यधिक काम के दबाव का आरोप लगाया है। कई बीएलओ का आरोप है कि काम के लंबे घंटे और दिसंबर तक की डेडलाइन ने उन्हें थकााकर चूर कर दिया है। कई राज्यों में बीएलओ ने बहिष्कार किया है। आयोग अब अधिकारियों के कार्यभार और जवाबदेही को लेकर सवालों का सामना कर रहा है।
चुनाव आयोग ने बताया कि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 51 करोड़ मतदाताओं में से 50.25 करोड़ से ज्यादा एसआईआर फॉर्म बंट गए हैं। लोग फॉर्म भरने के बाद वापस जमा करते हैं। इसके बाद डिजिटलीकरण का काम होता है। केरल में अब तक सबसे कम, राजस्थान में सर्वाधिक फॉर्म डिजिटलीकरण के लिए वापस आए हैं।

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