फिरोजपुर
पीछे से पानी का डिस्चार्ज बंद होने के कारण फिरोजपुर के सतलुज दरिया में पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है मगर बाढ़ के कारण फिरोजपुर में सतलुज दरिया के साथ लगते करीब 50 सीमावर्ती गांवों में बहुत बड़ा नुक्सान हुआ है।
बहुत से लोगों के मकान गिर गए हैं, बहुत से पशु मर गए हैं और इन गांवों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई है और बेबस लोग खुले आसमान के नीचे अपने परिवारों के साथ रहने को मजबूर हैं, जिनकी सामाजिक व धार्मिक संगठनों और एन.जी.ओज द्वारा मदद की जा रही है। दरिया में पानी का स्तर कम होने पर कई खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि बहुत से गांवों की सड़कें बाढ़ के कारण टूट गई हैं। दरिया में पानी का बहाव इतना तेज था कि राहत कार्य करने के लिए लाई गई एक जे.सी.बी. मशीन भी दरिया में बह गई।
गट्टी राजोके के पुल को जोड़ती सड़क में करीब 15 फुट दरार पड़ गई है। इस कारण आम लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है और एक लकड़ी का फट्टा लगाकर लोग इस रास्ते से आ-जा रहे हैं। वहीं, बी.एस.एफ. की पोस्टें और फैंसिंग बाढ़ के पानी में डूबने के कारण बी.एस.एफ. को सरहद पर नजर रखने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी बी.एस.एफ. के जवान लगातार सरहद पर नजर रखे हुए हैं।

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