कोलकाता
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के साथ विपक्षी एकता को लेकर कोलकाता में एक बैठक की थी। इस बैठक के बाद ममता बनर्जी ने भी इस मुहिम के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी। भारत की राजनीति में विपक्षी एकता की जब भी बात की जाएगी तो कांग्रेस को केंद्र में रखना जरूरी होगा। लेकिन टीएमसी में नंबर दो की हैसीयत रखने वाले अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल को बकाया भुगतान नहीं करने के मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। आपको बता दें कि मुर्शिदाबाद जिला पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का गढ़ रहा है।
इस रैली में अभिषेक बनर्जी ने कहा, "100 दिनों के फंड नहीं भेजे जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को कभी पत्र नहीं लिखा।" स्थानीय सांसद अधीर रंजन चौधरी पर तीखा हमला करते हुए टीएमसी नेता ने आगे कहा, ''मुर्शिदाबाद ने कांग्रेस को बहुत कुछ दिया है। लेकिन न तो अधीर रंजन चौधरी ने और न ही किसी कांग्रेसी नेता ने इस बारे में दिल्ली को पत्र लिखा और न ही दिल्ली से बात की।''
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेताओं ने केवल टीएमसी पर हमला किया। साथ ही यह भी कहा कि यहां कांग्रेस ने कभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला नहीं किया। अभिषेक ने कहा, "अधीर रंजन चौधरी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कभी भी पीएम मोदी या अमित शाह पर हमला नहीं करते हैं। एमडी सलीम और बिमान बोस भी यही काम करते हैं। बीजेपी भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कभी भी कांग्रेस या सीपीएम के खिलाफ एक शब्द नहीं कहती। ये सभी केवल टीएमसी पर हमला करते हैं।"
उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के काफिले में शामिल एक कार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत पर कांग्रेस की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के काफिले ने एक व्यक्ति को टक्कर मारी और कार मौके से भाग गई। बाद में उस व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस और सीपीएम खामोश हैं।
मुर्शिदाबाद में अभिषेक बनर्जी ने कहा, "अगर कोई मुझे यह दिखा सकता है कि अधीर रंजन चौधरी ने पिछले पांच महीनों में केंद्र को बंगाल के बकाया के बारे में एक पत्र लिखा है, तो मैं अपनी रैली रोक दूंगा।"
कांग्रेस के खिलाफ अभिषेक बनर्जी के बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा 2024 के चुनावों से पहले विपक्षी एकता का आह्वान करने के एक दिन बाद आए हैं। इससे एक दिन पहले ममता बनर्जी ने कहा था कि विपक्षी पार्टियों को सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ "एक से एक लड़ाई" की अवधारणा को लागू करना चाहिए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा था, "सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए। आइए भाजपा के खिलाफ 'वन टू वन फाइट' करें। जो भी जिस क्षेत्र में मजबूत है, उसे वहां से लड़ना चाहिए।" हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया।
अभिषेक बनर्जी के कांग्रेस विरोधी तेवर से यही कयास लगाए जाने लगे हैं कि ममता बनर्जी कांग्रेस के बिना ही विपक्षी एकता की वकालत कर रही हैं। हालांकि, नीतीश कुमार ने कई मौके पर कहा है कि कांग्रेस के बगैर विपक्ष को एकसाथ रखना संभव नहीं है

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