हिमाचल में फिर आफत… 5 जगह बादल फटे, भारी नुकसान, पुल-वाहन मलबे बाढ़ में बहे, 325 रास्ते बंद

शिमला। हिमाचल मेंं फिर आफत आई हुई है। प्रदेश के पांच स्थानों पर बादल फटने भारी तबाही हुई है। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति और शिमला और कुल्लु जिला के सीमावर्ती इलाकों में बादल फटने से कई पुल, वाहन बह गये। मकान-दुकानें क्षतिग्रस्त हो गये। निजी और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। बाढ़ से बचाव के लिये सेना को बुलाया गया है। सेना के जवान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुये हैं।

रिपोर्टस के अनुसार हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण दो नेशनल हाईवे सहित 300 से ज्यादा सडक़ें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं। मौसम विभाग ने आज भी चम्बा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुल्लू जिला के बंजार, मंडी जिला के गोहर और ऊना जिले में सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं।

जनजातीय जिला किन्नौर के सीमावर्ती क्षेत्र ऋषि डोगरी घाटी के ऊपरी हिस्से में बादल फटने से आई बाढ़ में सतलुज नदी पर बना पुल बह गया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया है। होजो लुंगपा नाले में बाढ़ आने से सीपीडब्ल्यूडी के तहत गंगथांग-ब्रालाम की ओर चल रहा सडक़ निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। पूह गांव की उठाऊं पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा है। सतलुज नदी में पानी और मलबा बढऩे से करछम वांगतु नाथपा बांध के द्वार खोल दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते पागल नाला, नाथपा और निगुलसरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है।

इसी तरह से शिमला जिले के कुल्लू से सटे सीमावर्ती रामपुर उपमंडल के पंद्रह बीस क्षेत्र की नंटी खड्ड में पहाड़ों पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार पुल, दो मकान, पांच दुकानें, दो शेड, सेब के बगीचे और कृषि भूमि बह गई। सात मकानों, पांच दुकानों, सात शेड और एक छोटे बिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है। खड्ड में एक एंबुलेंस और एचआरटीसी की बस फंस गई है, जबकि तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। मौसम विभाग ने आगमी 19 अगस्त तक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।