नई दिल्ली
योग गुरु बाबा रामदेव के मोम के पुतले का 'मैडम तुसाद न्यूयॉर्क' के एक कार्यक्रम में अनावरण कर दिया गया है। वह ऐसे पहले भारतीय सन्यासी हैं, जिनका मोम का पुतला न्यूयार्क मैडम तुसाद संग्रहालय में स्थापित हो रहा है। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के जन-जन में योग और भारतीय संस्कृति का जागरण करने का श्रेय स्वामी रामदेव को जाता है। पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति, संन्यास और सनातन योग परंपरा के वैश्विक प्रभाव को मान्यता मिलना है।
पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कुछ दिनों पहले ही पुलते के अनावरण को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि विश्व का सबसे बड़ा मोम आकर्षण 'मैडम तुसाद संग्रहालय न्यूयॉर्क' मंगलवार को योग ऋषि स्वामी रामदेव की उपस्थिति में उनके मोम के पुतले का अनावरण करेगा। यह समारोह दोपहर 12.55 बजे द ललित, बाराखंभा एवेन्यू, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में आयोजित होगा। इसमें टियागो मोगाडोरो, विपणन प्रमुख, मैडम तुसाद न्यूयॉर्क- मर्लिन एंटरटेनमेंट्स, पतंजलि योगपीठ के सहसंस्थापक आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि योगपीठ (यूके) ट्रस्ट की संस्थापक ट्रस्टी सुनीता पोद्दार भी उपस्थित रहेंगे।
बाबा रामदेव के पुतले पर लंबे समय से चल रहा था काम
बता दें कि बाबा रामदेव का पुतला बनाने के लिए काफी समय से काम चल रहा था। इससे पहले रामदेव की कद-काठी मापी गई थी। उनके चेहरे के भावों को भी रेकॉर्ड किया गया था। इतना ही नहीं, रामदेव की 200 से ज्यादा तस्वीरें भी ली गईं। साल 1835 में मैडम तुसाद म्यूजियम की स्थापना हुई थी। मैडम तुसाद म्यूजियम मोम के पुतलों का लोकप्रिय संग्रहालय है। इसमें दुनिया भर की कई जानी-मानी हस्तियों के पुतले लगाए गए हैं। अगर भारत की बात करें तो महात्मा गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, बॉलीवुड एक्टर सलमान खान और शाहरुख खान समेत अब तक करीब 12 हस्तियों का पुतला लंदन के म्यूजियम में लगा है।

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