नई दिल्ली
पठानकोट अटैक का मास्टरमाइंड और भारत का दुश्मन शाहिद लतीफ ढेर हो चुका है। बुधवार को पाकिस्तान में ही उसे गोली मार दी गई। हालांकि, अब तक हमलावरों की पहचान नहीं हो की है। खबर है कि उसने सियालकोट में बैठकर पठानकोट की साजिश को अंजाम दिया था। साल 2016 में हुए पठानकोट हमले में 7 जवानों और एक आम नागरिक ने जान गंवा दी थी। इस दौरान चार हमलावरों को भी भारतीय जवानों ने मौत के घाट उतार दिया था।
कौन था लतीफ
41 साल का लतीफ आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्चिंग कमांडर था। उसने सियालकोट से बैठकर पठानकोट की साजिश को अंजाम दिया था। उसकी मदद से ही जैश के आतंकी एयरबेस तक पहुंचे थे। साल 1994 में लतीफ को आतंकवाद के आरोप में भारत में गिरफ्तार किया गया था और 2010 में उसे पाकिस्तान डिपोर्ट कर दिया गया।
लतीफ की नापाक इरादे
पठानकोट ही नहीं लतीफ का नाम साल 1999 में भारतीय हवाई जहाजों को हाईजैक करने में भी आया था। खबरें हैं कि आतंकी जम्मू और कश्मीर में भी कई आतंकवादियों के संपर्क में था। सभी ने मिलकर कई हमलों को अंजाम दिया है।
कहा जाता है कि लतीफ पाकिस्तान के गुजरानवाला का रहने वाला था। दहशत की दुनिया में उसने 90 के दशक में कदम रखा। उस दौरान जैश के पैरेंट ग्रुप हरकत-उल-मुजाहिदीन की कश्मीर में एंट्री हुई थी। हरकत, हरकत-ए-जिहादी इस्लामी का एक धड़ा था, जो सोवियत संघ के खिलाफ अफगान में लड़ रहा था। दोनों ने कश्मीर में आकर 1994 में हरकत-उल-अंसार बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, एक ओर जहां NIA दावा करती है कि लतीफ हरकत-उल-मुजाहिदीन का हिस्सा था। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि वह जमियत-उल-मुजाहिदीन में था।

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