कोलकाता/नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, इसलिए हम चैन की नींद सो पा रहे हैं। इतना ही नहीं बीएसएफ सीमावर्ती समुदायों की सेवा में भी एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बीएसएफ की यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने यह बात 118वीं वाहिनी की सीमा चौकी बांकरा में सीमावर्ती ग्रामीण समुदायों के लिए आयोजित एक मेडिकल कैंप, सिविक एक्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद कही। इस मौके पर बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस मनिंदर पी.एस. पवार विशेष तौर पर मौजूद रहे। समारोह में में सैंडरबिल ग्राम पंचायत और आसपास के गांवों से लगभग 1000 ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को स्टेशनरी, युवाओं को खेल सामग्री और जरूरतमंदों को कंबल व अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मुफ्त चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के डीआईजी, बीएसएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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