वाशिंगटन.
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू सेवानिवृत्त हो चुके हैं। राजनयिक के रूप में 35 साल का शानदार करियर पूरा करने पर अमेरिकी व्यापार जगत से जुड़ी हस्तियों ने इनकी विदाई के लिए समारोह का आयोजन किया। भारतीय विदेश सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले संधू के सम्मान में यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) ने रिसेप्शन रखा। इसमें व्हाइट हाउस, विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारियों के अलावा कॉरपोरेट जगत की कद्दावर हस्तियां शरीक हुईं।
तीन दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान संधू ने चार बार अमेरिका में भारतीय राजनयिक के रूप में सेवाएं दीं। बीते कुछ समय में भारत और अमेरिका से संबंधों को नए मुकाम पर पहुंचाने में इनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। इनकी विदाई समारोह में व्हाइट हाउस में हिंद-प्रशांत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद समन्वयक कर्ट कैंपबेल ने कहा, चुनिंदा राजनयिकों ने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है, संधू का नाम भी इसमें शामिल है। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी याद आएगी। एक शानदार दोस्त से बढ़कर संधू बेहतरीन इंसान भी हैं।
पूर्व राजनयिक और यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) के वर्तमान अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा, संधू 'सपने देखने वाले' व्यक्ति हैं। इन्होंने अपने राजनयिक कौशल से अमेरिका-भारत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इतिहास इनके योगदान को दर्ज करेगा। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर हैं, और इसमें संधू का उल्लेखनीय योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली राजकीय यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने हा, ये बेहद प्रभावी रहा। इससे रिश्ते की अहमियत रेखांकित हुई। संधू की टीम ने शालीनता के साथ यात्रा को सफल और यादगार बनाया।

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