मॉस्को.
रूस में उग्रवाद फैलाने के आरोप में दो पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है। दोनों पत्रकारों की पहचान कॉन्सटेंटिन गैबोव और सर्गी कैरेलिन के तौर पर की गई है। उन पर रूस के दिवंगत विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के साथ संबद्धता का आरोप लगाया गया है। दरअसल, दोनों पत्रकारों ने नवलनी के यूट्यूब चैनल 'नवलनी लाइव' में योगदान दिया था। बता दें कि इसी चैनल ने क्रेमलिन भ्रष्टाचार का खुलासा कर लाखों दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था।
रूसी अधिकारियों ने नवलनी और उनके संस्थान को उग्रवादी बताया था, जिसके परिणामस्वरूप उनके (नवलनी) सहयोगियों और अन्य कुछ लोगों को कई वर्षों तक जेल में रखा गया। मॉस्को के बासमनी जिला अदालत के अनुसार, गैबोव ने नवलनी के यूट्यूब चैनल के लिए दर्शकों की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया था। इसके लिए अदालत ने उन्हें 27 जून तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। कैरेलिन को रूस के मरमंस्क क्षेत्र से हिरासत में लिया गया था। उनपर उग्रवादी संगठन (नवलनी के शो) में हिस्सा लेने का आरोप लगाया गया है।
अदालत में कैरेलिन की पहचान रूसी-इस्राइली नागरिक के तौर पर की गई है। उन्हें सुनवाई के दौरान एक कांच के दीवारों के बीच बैठाया गया था। गैबोव और कैरेलिन की हिरासत रूस में पत्रकारों और क्रेमलिन आलोचकों के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाता है। इससे पहले एक अन्य पत्रकार सर्गी मिंगाजोव को रूसी सेना के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में घर पर नजरबंद कर दिया गया था।
नवलनी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के तौर पर जाने जाते थे। देश में उग्रवाद फैलाने के आरोप में लंबी सजा काट रहे नवलनी की हिरासत में ही मौत हो गई थी। नवलनी के परिवार वाले उनकी मौत के लिए रूसी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

More Stories
इजरायल के फैसले पर भड़के सऊदी, कतर और 16 मुस्लिम देश, बताया संप्रभुता का उल्लंघन
खामेनेई के आदेश पर खोला जाएगा होर्मुज, न कि ‘इडियट’ के कहने पर; ईरान का ट्रंप पर तीखा हमला
नेतन्याहू ने ट्रंप को ईरान युद्ध में खींचा, ‘एपस्टीन फाइल्स’ से ध्यान भटकाने की कोशिश: कमला हैरिस