छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी तेज, STF की समीक्षा बैठक; अब तक 57 ‘क्विट इंडिया’ नोटिस जारी

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। संदिग्धों की पहचान और उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया को गति देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार अब तक 57 संदिग्धों के खिलाफ ‘क्विट इंडिया’ आदेश जारी किए जा चुके हैं और उन्हें बांग्लादेश भेजा गया है। वहीं करीब एक हजार संदिग्ध अभी भी जांच के दायरे में हैं।

सत्यापन के लिए बंगाल सरकार का सहयोग
घुसपैठियों के सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बंगाल सरकार के साथ समन्वय किया जाएगा। कई संदिग्ध खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं। ऐसे मामलों की पुष्टि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस बंगाल प्रशासन के सहयोग से जांच करेगी।

इस संबंध में विशेष कार्य बल (STF) प्रभारियों की आगामी बैठक में विस्तृत समीक्षा की जाएगी। होल्डिंग सेंटरों में रखे गए संदिग्धों को जल्द ही देश से बाहर भेजने की तैयारी भी की जा रही है।

सभी जिलों में बनाई गई एसटीएफ
राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं की पहचान तथा कार्रवाई के लिए सभी 33 जिलों में विशेष कार्य बल का गठन किया है।

इन टीमों का नेतृत्व एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। एसटीएफ को संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, दस्तावेजों के सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है।

हेल्पलाइन नंबर किया गया जारी
आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। यह सेवा उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री Vijay Sharma के निर्देश पर शुरू की गई है।

यह हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी इस नंबर पर दे सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

घुसपैठियों की वापसी होगी तेज, 57 ‘क्विट इंडिया’ नोटिस जारी
छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। संदिग्धों की पहचान और उन्हें सीमा पार भेजने की प्रक्रिया को गति देने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।

अब तक 57 संदिग्धों के खिलाफ ‘क्विट इंडिया’ आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिन्हें बांग्लादेश भेजा गया है। वहीं लगभग एक हजार संदिग्ध अभी भी जांच के दायरे में हैं।

बंगाल सरकार के साथ समन्वय
घुसपैठियों के सत्यापन की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बंगाल सरकार की मदद ली जाएगी। ऐसे संदिग्ध जो खुद को बंगाल का बताकर छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं, उनके सत्यापन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस बंगाल प्रशासन के सहयोग से कार्य करेगी।

इस संबंध में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के प्रभारियों की आगामी बैठक में विस्तृत समीक्षा की जाएगी। होल्डिंग सेंटरों में रखे गए संदिग्धों को जल्द ही देश से बाहर करने की तैयारी की जा रही है।

33 जिलों में एसटीएफ का गठन
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए सभी 33 जिलों में एसटीएफ का गठन किया है। एएसपी/डीएसपी रैंक के अधिकारी इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं जो अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 सक्रिय
आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर शुरू की गई यह सेवा 24 घंटे सक्रिय है। नागरिक अपने आसपास रह रहे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना इस पर दे सकते हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में
    त्वरित कार्रवाई: पुलिस को हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचनाओं की तत्काल जांच के निर्देश।
    सतर्कता: निर्दोष व्यक्तियों को असुविधा न हो, इसके लिए सूचनाओं की गहन सत्यता जांच अनिवार्य।
    प्रसार: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान के जरिए घुसपैठियों की पहचान का प्रयास।
    सत्यापन: संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष विंग का गठन।

    देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को घुसपैठ मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आम नागरिक दिए गए हेल्पलाइन के माध्यम से सुरक्षा तंत्र का हिस्सा बन सकते हैं।

    – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री