चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)
चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना अभ्यास कर रही है। बुधवार को इस अभ्यास के तहत जवानों ने वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन-32 से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई और पैराशूट के जरिये चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी के रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। इसके साथ ही वायुसेना के मल्टीपर्पज विमान एएन 32 ने चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। वायु सेना का यह अभियान पायलेट प्रशिक्षण का अभ्यास बताया जा रहा है। इससे पहले गत 17 सितंबर से 22 सितंबर तक पायलेट ट्रेनिंग कार्यक्रम चला।
चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण
भारत-चीन अंतराष्ट्रीय सीमा के करीब बनी चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सेना और वायु सेना समय-समय पर यहां अपने अभ्यास कार्यक्रम आयोजित करती आई हैं। इस हवाई पट्टी पर हरक्यूलिस सहित कई विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर चुके हैं।
चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भारतीय वायु सेना पिछले कई वर्षों से समान्य और सैन्य अभ्यास कर रही है। यही वजह है कि वायु सेना इसे अपना एडवांस लैंडिंग ग्राउंड एएलजी बनाने की कवायद में लगी हुई है। गत मंगलवार को भी वायु सेना ने अभ्यास शुरू किया। बुधवार को वायु सेना के 10 जवानों ने एएन 32 विमान से 18 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। जिन्होंने पैराशूट के जरिये रनवे पर लैंडिंग का अभ्यास किया। ये जवान आगरा एयर बेस से एएन 32 में पहुंचे। 18 हजार फीट की ऊंचाई से कूदे जवानों के हौसले को देखने के लिए चिन्यालीसौड़ में कौतूहल का माहौल बना। हर किसी की नजर आसमान में पैराशूट पर थी। यह अभियान आगामी 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास के लिए वायुसेना के जवान जुटे हुए हैं।

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