February 20, 2026

जम्मू-कश्मीर में ‘दरबार मूव’ की 150 साल पुरानी परंपरा 4 साल बाद फिर शुरु

सरकारी कार्यालय 3 नवंबर से जम्मू में शुरू करेंगे काम, 6 महीने वहीं रहेंगे

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में ‘दरबार मूव’ की 150 साल पुरानी परंपरा चार साल बंद रहने के बाद इस बार फिर लौटी है। शुक्रवार को सरकारी दफ्तर बंद होने के बाद सामान और कर्मचारियों के श्रीनगर से जम्मू रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया। सरकारी कार्यालय 3 नवंबर से जम्मू में काम शुरू करेंगे और 6 महीने वहीं रहेंगे।

रिपोर्टस के मुताबिक सीएम सचिवालय और सिविल सचिवालय के सभी अन्य विभागों समेत कुल 39 कार्यालय जम्मू भेजे जाएंगे, 47 विभाग कैंप के रूप में भेजे जाएंगे। जो विभाग कैंप के तौर पर जाएंगे, वे अपने कुल कर्मचारियों के 33 फीसदी या 10 अधिकारियों के साथ काम करेंगे। गर्मी शुरू होते ही ये दफ्तर फिर वापस कश्मीर लौट आएंगे। यह परंपरा 2021 में एलजी ने रोक दी थी, लेकिन अब सीएम उमर अब्दुल्ला ने इसे फिर शुरू किया है। इसके साथ करीब 6 लाख कश्मीरी जम्मू जाएंगे, जिससे जम्मू की सर्दियों की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूती मिलेगी। होटल और ट्रांसपोर्ट समेत कई व्यापारी व्यस्त सीजन की तैयारी में जुटे हैं। इनका कहना है कि जम्मू की सर्दियों की धडक़न लौट आई है। एक दुकानदार ने बताया कि दरबार मूव बंद होने के बाद बाजार सूने हो गए थे। सालों तक इन महीनों ने हमारा कारोबार जिंदा रखा। अब फिर उम्मीद लौट आई है।

कश्मीर के लोगों में भी यह घोषणा पुरानी यादें और आर्थिक आशा लेकर आई है। श्रीनगर में सरकारी कर्मचारी फैजान अहमद ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, यह दोनों क्षेत्रों से जुड़ाव की भावना देती थी। जब दरबार मूव रुका तो वह संबंध भी टूट गया था। अब ऐसा लगता है जैसे एक पुल फिर से बन गया है। दरबार मूव के चलते 1 और 2 नवंबर को जम्मू से श्रीनगर की ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि इन दो दिनों में सिर्फ छोटे वाहन दोनों ओर से चल सकेंगे। श्रीनगर से जम्मू की ओर सरकारी रिकॉर्ड और कर्मचारियों के वाहनों को नियंत्रित तरीके से जाने की अनुमति होगी।