नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की बात का विरोध करते हुए योगगुरु रामदेव ने कड़ा रुख दिखाया और कहा, कि अगर किसी से लडऩा है तो वह मोदी और अमित शाह से लड़ें, आरएसएस से नहीं। रामदेव ने कहा कि आरएसएस कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, उसकी राजनीतिक विंग भाजपा है, और वे पिछले कई दशकों से संघ को नज़दीक से देखते आए हैं।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े ने पिछले दिनों कहा था, कि यह उनका निजी विचार है कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि उनके अनुसार देश में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए आरएसएस और भाजपा जिम्मेदार हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस तेज कर दी और कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। यहां रामदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा, लड़ाई करनी है तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह से करो, उन्हें तो वे हरा नहीं पाते, फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणिया करते रहते हैं।
इसी के साथ उन्होंने आरएसएस के संबंध में कहा कि वह आर्य समाज जैसी राष्ट्रवादी संस्था है और इसमें कई तपस्वी और देशभक्त लोग हैं। जब कोई संगठन देशविरोधी ताकतों का विरोध करता है तो उसके विरोध के पीछे छिपा एजेंडा होता है। आरएसएस और भाजपा नेताओं ने भी खडग़े के बयान के बाद तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि आरएसएस को किसी के मनमाने पर प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता और समाज में संघ को व्यापक स्वीकृति मिली है। कुछ नेताओं ने खडग़े के बयान को भडक़ाऊ करार दिया है।

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