नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्य सूचना आयोगों को वादियों को हाइब्रिड (ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों) तरीके से सुनवाई का विकल्प मुहैया कराने का निर्देश दिया।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने देशभर के राज्य सूचना आयोगों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि वादियों को शिकायतों और याचिकाओं की ई-फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।
पीठ ने कहा, "सभी राज्य सूचना आयोगों को (वादियों को) हाइब्रिड तरीके से सुनवाई का लाभ उठाने का विकल्प मुहैया कराना चाहिए…।"
प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से न्याय तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की बात पर जोर देते हुए पीठ ने कहा, "हम सभी राज्य सूचना आयोगों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश देते हैं कि वादियों को शिकायतों और याचिकाओं की ई-फाइलिंग की सुविधा सुव्यवस्थित तरीके से प्रदान की जाए।''
शीर्ष अदालत ने राज्य सूचना आयोगों की कार्य प्रणाली में सुधार के लिए निर्देश जारी करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
याचिका में कहा गया था कि राज्य सूचना आयोगों को शिकायतों और याचिकाओं पर विचार करने के दौरान वादियों को डिजिटल मंच के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से सुनवाई का विकल्प प्रदान करना चाहिए।

More Stories
LPG 5KG सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपये की बढ़ोतरी, प्रवासी मजदूरों पर महंगाई का बड़ा असर
सरकार को कानून बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान
140 साल का गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ेगा ‘सुपर अल नीनो’! इस बार क्या होगा खास?