नई दिल्ली
पहली बार है जब प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को भी प्रधानमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं पीके मिश्रा 2019 से ही प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। जब नृपेंद्र मिश्रा प्रधान सचिव थे तब पीके मिश्रा (76 साल) प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव हुआ करते थे। 2019 में दोबारा मोदी सरकार बनने के बाद पीके मिश्रा को प्रधान सचिव का जिम्मा दिया गया। आम तौर पर प्रधानमंत्री के लिए अतिरिक्त प्रधान सचिव की नियुक्ति की जाती थी। लेकिन इस बार अतिरिक्त प्रधान सचिव की जगह पर दो प्रधान सचिव ही बना दिए गए हैं।
जानकारों का कहना है कि पीके मिश्रा की उम्र काफी ज्यादा है। वह 76 साल के हैं। ऐसे में उन्हें एक अन्य सहयोगी की भी जरूरत थी। शक्तिकांत दास की उम्र लगभग 67 साल है। वहीं शक्तिकांत दास के पास सरकार के साथ काम करने का बहुत अच्छा अनुभव है। आरबीआई में गवर्नर के पद पर कार्य करने से पहले वह राजस्व सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं वित्त और नीति निर्माण के क्षेत्र में उनका अनुभव पीएमओ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
आरबीआई गवर्नर के तौर पर उनका कार्यकाल पिछले साल दिसंबर में ही खत्म हुआ है। उन्हें 2021 में सेवा विस्तार दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो सलाहकार भी हैं। आईएएस अमित खरे और तरुण कपूर सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं पीएमओ में पीके मिश्रा सबसे सीनियर रिटायर्ड अधिकारी हैं। वह 1972 बैच के आईएएस हैं। तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें फिर से प्रधान सचिव नियुक्त कर दिया गया था।
शक्तिकांत दास ने स्कूली शिक्षा भुवनेश्वर के डिमॉन्स्ट्रेशन मल्टीपपर्स स्कूल से मली। इसके बाद सेंट स्टीफंस कॉलेज दिल्ली से हिस्ट्री में ग्रैजुएशन और मास्टर्स पूरा किया। उन्होंने लंबे समय तक सिविल सेवक के तौर पर काम किया। कार्यकाल के दौरान उन्होंने 8 केंद्रीय बजटों मे अपना बड़ा योगदान दिया। वह एडीबी, एनडीबी. एआईआईबी के भी गवर्नर रह चुके हैं।

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