बैंगलुरू-महिला जूनियर वकील से कथित मारपीट के मामले में वरिष्ठ वकील बेयलिन दास को शुक्रवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट (कोर्ट नं. 11) रेविथा केजी ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुनवाई के दौरान दास के वकील, दिलीप सथ्यान ने बताया कि उनके मुवक्किल की जमानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई होगी। उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल पर लगे आरोप निराधार हैं और दास खुद भी घायल हुए हैं।
बता दें कि मारपीट के आरोप के बाद पिछले 13 दिनों से दास फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार, घटना 13 मई को हुई थी, जिसके बाद से दास तिरुवनंतपुरम के अलग-अलग स्थानों में छिपे हुए थे। शुक्रवार को गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका भी दाखिल की थी।
बार काउंसिल ने वकालत पर लगाई रोक
केरल बार काउंसिल ने दास पर फिलहाल वकालत करने पर रोक लगा दी है। हालांकि दास की ओर से महिला वकील श्यामिली पर भी हमले का आरोप लगाया गया, जिसे पीडि़ता के परिवार ने सिरे से खारिज करते हुए इसे आरोपी को जमानत दिलाने की चाल बताया।
पीडि़ता ने लगाए कई गंभीर आरोप
पीडि़ता श्यामिली ने बुधवार को कहा था कि वह कानूनी रूप से हर संभव प्रयास करेंगी कि दास को दोबारा वकालत करने की इजाजत न मिले। साथ ही श्यामिली ने यह भी दावा किया कि दास ने पहले भी, जब वह पांच महीने की गर्भवती थीं, तब उन्हें मारा था। श्यामिली ने आगे कहा कि अगर हम उनके किसी व्यवहार पर सवाल करते हैं तो वह तुरंत गुस्से में आ जाते हैं।

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