लंदन । वैज्ञानिकों ने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जो सोने की उत्पत्ति और उसे निकालने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक सूक्ष्मजीव खोजा है, जो जहरीली मिट्टी में पाया जाता है और सोना निकाल सकता है। इस जीव का नाम कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स है। यह माइक्रोब ऐसी जमीन में रहता है जहां भारी धातुएं मौजूद होती हैं। खास बात यह है कि यह धातुओं को खाकर उन्हें 24 कैरेट सोने के नन्हें-नन्हें कणों में बदल देता है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि यह जीव एक विशेष रासायनिक प्रक्रिया से इन धातुओं को बेअसर करता है और अपने शरीर पर सोने के कण बनाने लगता है। यह सूक्ष्मजीव एक तरह से प्रकृति का ‘अलकेमिस्ट’ (धातु को सोने में बदलने वाला) है। इसके जीन में ऐसे एंजाइम होते हैं जो जहरीले आयनों को निष्क्रिय कर देते हैं। जब इसे सोने के आयन मिलते हैं तो यह सीओपीए और सीयूपीए जैसे एंजाइम बनाता है जो इन आयनों को नैनोकणों में बदल देते हैं। ये कण फिर जीव के शरीर से बाहर निकल जाते हैं और यह प्रक्रिया जीव को जिंदा भी रखती है। इस खोज के कई व्यावहारिक लाभ हैं। आज का सोना खनन करना बेहद महंगा और पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है। लेकिन यदि इस सूक्ष्मजीव से प्रेरित होकर वैज्ञानिक बायोमिमेटिक खनन या जैव-प्रेरित विधियां विकसित करें, तो कम गुणवत्ता वाले अयस्क, ई-कचरा या खनन के अवशेष से भी सोना निकाला जा सकता है। इससे पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचेगा और खनन की लागत भी घटेगी।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सूक्ष्मजीव भविष्य में खनन उद्योग की दिशा ही बदल सकता है। मालूम हो कि सोना हमेशा से ही दुनिया की सबसे पसंदीदा और कीमती धातुओं में गिना जाता है। हालांकि कुछ दुर्लभ धातुएं मूल्य में इससे ऊपर हो सकती हैं, लेकिन लोकप्रियता और इस्तेमाल के मामले में सोने का कोई मुकाबला नहीं। आमतौर पर यह धातु धरती की गहराइयों या नदी की तलछट में मिलती है। माना जाता है कि यह पृथ्वी के निर्माण के समय मौजूद था या उल्कापिंडों के जरिए यहां पहुंचा।

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