टीकमगढ़
जिले की तहसील पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत रतवास के शाशकीय नवीन माध्यमिक शाला रतवास का एक ऐसा स्कूल है जो कि ठेकेदारों द्वारा 2009 में बनाया था 15 वर्ष पूरे होने पर उसकी चो में दरारें आ चुकी हैं जिसमें बच्चों को बैठने पर खतरों से खाली नहीं है यहा बच्चो की जिंदगी खतरे में है सोचने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश में ऐसी कई बिल्डिंग है जिनको पूरे 10 या 15 साल की समय मै पूरी तरह से छात्रिग्रस्त हो चुकी हैं क्या कारण है ऐसा की अगर बिल्डिंग 1o से15साल मे पूरी तरह से क्षत्रिग्रस्त हो जाती है तो फिर उसी बिल्डिंग का दूसरी बार बजट निकाल कर उसको द्वारा बनाया जाता है
बिल्डिंग में अगर सही सामग्री लग जाए तो वह कहीं 50 वर्षों तक चल सकती है मध्य प्रदेश सरकार दिनों दिन कर्ज के बोझ की दलदल में दफ्ती जा रही है इन ठेकेदारों की मिली भगत के कारण बिल्डिंग बनते ही 10 या 15 साल में पूरी तरह से टूट जाती है यह एक जांच का विषय है इस पर ठेकेदारों की जांच होनी चाहिए अगर इसी प्रकार काम चला रहा तो वह दिन दूर नहीं रहेंगे मध्य प्रदेश कंगाल की कगार पर आ जाएगा देखना यह है खबर की चलते क्या जांच होती है या भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर कागजों की पूर्ति की जाएगी

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