नई दिल्ली
पति सौरभकांत तिवारी की तलाश में बांग्लादेश से नोएडा आई सोनिया अख्तर ने बुधवार को अधिकारियों के सामने कई दस्तावेज पेश किए। यह ऐसे दस्तावेज थे जिससे सौरभकांत को मानना ही पड़ा ही एक साल का अन्नू उसी का बेटा है। एडिशनल डीसीपी ने काउंसिलिंग के मकसद से बुधवार को सौरभकांत और सोनिया को ऑफिस बुलाया था। एक घंटे तक दोनों आमने-सामने रहे। सोनिया ने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र पर सौरभ का नाम होने समेत कई सबूत पेश किए, जिससे उसकी बातों को बल मिला।
महिला अधिकारी के सामने सोनिया ने कहा कि वह सिर्फ पति को घर वापस ले जाने के लिए भारत आई है। सोनिया का दावा है कि सौरभ ने अधिकारियों के सामने यह भी कबूल किया कि उसने धर्मांतरण किया था। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच अभी भी जारी है। घटनास्थल बांग्लादेश का होने के कारण इस संबंध में भले ही केस नोएडा के किसी थाने में दर्ज नहीं हुआ है पर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है।
वकीलों से संपर्क साधा
महिला ने इस मामले को लेकर कई वकीलों से भी संपर्क साधा है,जो उसे विधिक सलाह दे रहे हैं। महिला ने पुलिस अधिकारियों के सामने जो दस्तावेज सौंपे हैं उसमें ढाका में दिया गया शपथ पत्र और निकाहनामा भी शामिल है, जबकि धर्मांतरण के संबंध में 11 अप्रैल 2021 को अंग्रेजी में बना शपथ पत्र भी शामिल है। धर्म परिवर्तन करने के बाद सौरभ ने नाम की पीछे का टाइटल हटा दिया था। निकाहनामा उर्दू में बना हुआ है। उसने सौ से अधिक फोटो पेश की जिसमें सौरभ, सोनिया और उसका बच्चा है।

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