गरियाबंद.
जिले के राजिम विधानसभा से भाजपा-कांग्रेस से हटकर तीसरे विकल्प की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है राजिम विधानसभा में जबसे उम्मीदवार की घोषणा लगभग 2 माह पूर्व की गई थी उसी समय से क्षेत्र में तेजी से भाजपा-कांग्रेस से हटकर किसी तीसरे विकल्प की तलाश में मंथन चल रहा था।
अंचलवासियों ने इसके लिए सनातन धर्म की रक्षा के लिए क्षेत्र में ऐसा चेहरा चाहते है कि पिछले 5-7 वर्षो से इस क्षेत्र में तेजी से चल रहे धर्म परिवर्तन के प्रयासों पर न सिर्फ रोक लगे बल्कि धर्मांतरण किए भोले भाले ग्रामीण पुनः अपनी आस्था को पुर्नजीवित कर अपनी मूल संस्कृति की ओर लौटे।
अब भाजपा-कांग्रेस के राजिम विधानसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद लोग एक बार फिर तीसरे विकल्प के रूप में अंचल के सनातन धर्म की पताका लेकर इस क्षेत्र के गांव गांव में धार्मिक आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रखने वाले सिरकट्टी आश्रम के महंत गोवर्धन शरण ब्यास की तरफ लोगों की निगाह जा रही है। इन दिनों प्रतिदिन कांग्रेस-भाजपा समर्थन हजारों की संख्या में सिरकट्टी आश्रम पहुंचकर गोवर्धन शरण से भेंटकर क्षेत्र की रक्षा एवं सनातनी परंपरा में हो रहे आघात को बचाने राजिम विधानसभा से चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे है।
बताया जाता है कि तर्क संगत विचारों को सुनकर बाबा भी इस प्रस्ताव पर काफी गंभीरता से विचारकर अंतिम निर्णय की ओर बढ़ रहे है। जानकारी मिल है कि घोषित उम्मीदवारों को मात्र ना पसंद ही नही बल्कि क्षेत्रीयवाद तथा राजनैतिक आस्था में उलट फेर के मद्देनजर अंचलवासी एक सशक्त, धर्म के प्रति समर्पित एवं स्थानीय प्रतिनिधि को राजिम विधानसभा का प्रतिनिधित्व देना चाह रहे है।

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