विभा पटेल की जगह रीना बोरासी  को महिला कांग्रेस की कमान

मप्र कांग्रेस में बड़ा बदलाव, दिग्विजय गुट पर दबाव

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने महिला मोर्चे में बड़ा बदलाव करते हुए विभा पटेल को हटाकर युवा और आक्रामक तेवर वाली नेता रीना बोरासी को प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। यह फैसला भले अचानक दिखाई देता हो, लेकिन इसके पीछे संगठन की बदलती प्राथमिकताएं, अंदरूनी शक्ति-संतुलन और गुटीय राजनीति का असर साफ तौर पर दिखता है। खास बात यह है कि कुछ ही समय पहले विभा पटेल को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

रीना बोरासी पूर्व सांसद प्रेमचंद ‘गुड्डू’ की बेटी हैं और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में उभरते युवा नेतृत्व के रूप में तेजी से पहचान बना चुकी हैं। कांग्रेस नेतृत्व इसे ‘युवा नेतृत्व को आगे लाने’ का कदम बताता है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे प्रदेश संगठन में शक्ति-समीकरण बदलने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। मालवा-निमाड़ में कमलनाथ खेमे की मजबूत पकड़ और प्रेमचंद गुड्डू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए रीना का उभार प्रदेश कांग्रेस के लिए एक नई ताकत माना जा रहा है। रीना बोरासी सांवेर विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और सडक़ से लेकर सोशल मीडिया तक अपनी आक्रामक शैली के कारण युवाओं में खास पहचान रखती हैं। वे राहुल गांधी की भी पसंद मानी जाती हैं। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके बाद उनकी संगठनात्मक क्षमता हाईकमान की नजर में और मजबूत हुई।

दिग्विजय गुट पर बढ़ा दबाव

विभा पटेल लंबे समय से दिग्विजय सिंह की करीबी मानी जाती हैं। भोपाल की महापौर से लेकर महिला कांग्रेस की अध्यक्षता तक उनके हर पड़ाव पर दिग्विजय सिंह की छाया साफ दिखाई देती रही है। पिछले कुछ महीनों में महिला कांग्रेस की धीमी गतिविधियों, जिलों में निष्क्रियता और कार्यक्रमों की कमी को लेकर शिकायतें हाईकमान तक पहुंची थीं। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह के प्रभाव को नियंत्रित करने की चर्चाएं भी तेज थीं। ऐसे में विभा पटेल की छुट्टी को गुटीय संतुलन को पुनर्समायोजित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

और भी होंगे बड़े बदलाव

रीना बोरासी की ताजपोशी सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि इस संकेत का हिस्सा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस आने वाले महीनों में संगठन को नए ढांचे, नई ऊर्जा और नए चेहरों के साथ तैयार करने में जुट चुकी है। सूत्रों के मुताबिक युवा कांग्रेस, सोशल मीडिया इकाई, जिला एवं शहर कांग्रेस सहित कई फ्रंटों में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। रीना के सामने अब चुनौती है कि वे महिला कांग्रेस को न सिर्फ सक्रिय बनाएं, बल्कि उसे जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पुनर्गठित करें। यह बदलाव बताता है कि कांग्रेस आने वाले चुनावी वर्षों को ध्यान में रखते हुए मप्र संगठन में नई धार और नया संतुलन गढऩे की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है।