वॉशिंगटन
खगोल वैज्ञानिक और आकाशीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले अगस्त 2027 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब इस सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा। लेकिन उससे पहले इसी साल पूर्ण सूर्यग्रहण की घटना होने जा रही है, जब दिन के कुछ समय के लिए सूरज चंद्रमा के पीछे पूरी तरह से छिप जाएगा। इस दुर्लभ खगोलीय संयोग के चलते दिन में अचानक कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाएगा।
सूर्यग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते है, जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इसके चलते सूर्य के कोरोना का पूरा या कुछ हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिप जाता है, जिससे सूर्य को रोशनी बाधित हो जाती है। पूर्ण सूर्यग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह से ढंक लेता है।
स्पेन में एक सदी बाद दिखाई देगा
साल 2026 का पूर्ण सूर्यग्रहण यूरोप के लिए बेहद खास है। यह एक सदी से भी ज्यादा समय में स्पेन की मुख्य भूमि से दिखाई देने वाला पहला सूर्यग्रहण होगा। उत्तरी स्पेन, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में लोग पूर्ण ग्रहण का अनुभव करेंगे। यहां सूरज पूरी तरह से छिप जाने के कारण कुछ देर के लिए आसमान में अंधेरा छा जाएगा।
ग्रीनलैंड में इसे 2 मिनट से थोड़ा ज्यादा समय तक देखा जा सकेगा।
उत्तरी स्पेन में सिर्फ 20 सेकंड तक ही यह दिखाई देगा।
इन इलाकों में आंशिक दिखेगा ग्रहण
यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बड़े इलाकों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा, जहां सूरज का कुछ हिस्सा ही चंद्रमा के पीछे छिपेगा। हालांकि, इसकी छाया भारतीय उपमहाद्वीप से होकर नहीं गुजरेगी, जिसका मतलब है कि भारत में रहने वाले लोग इसे नहीं देख सकेंगे।
एक साल बाद सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण
अगस्त 2026 के सूर्यग्रहण के ठीक एक साल बाद 2 अगस्त 2027 को दुनिया 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्यग्रहण का गवाह बनेगी। यह इस सदी में धरती से देखा जाने वाला सबसे लंबा सूर्यग्रहण होगा जो 6 मिनट 23 सेकंड तक चलेगा। इस दौरान दिन के दौरान लगभग अंधेरा हो जाएगा। यह स्पेन से शुरू होगा और अफ्रीका के मोरक्को, अल्जीरिया, मिस्र, सूडान होते हुए मध्य पूर्व तक देखा जाएगा। मिस्र के लक्सर में इसका चरम रूप दिखाई देगा, जहां इसकी अवधि 6.19 सेकंड होगी, जो पूर्णता से थोड़ी ही कम है।

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