इंफाल
इंफाल के पूर्व और पश्चिम जिलों में शुक्रवार को स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन वहां माहौल शांत था। दरअसल, एक दिन पहले यहां कर्फ्यू लगाया गया था। दरअसल, गुरुवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने पांच युवकों की रिहाई की मांग करते हुए पुलिस स्टेशनों पर धावा बोल दिया। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने वहां पर कर्फ्यू लगा दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, पांचों युवकों को अत्याधुनिक हथियार रखने और सेना की वर्दी जैसी छद्म वर्दी पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
कई राउंड दागे गए आंसू गैस के गोले
इंफाल पूर्वी जिले के पोरोम्पैट और हिंगांग और इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई और क्वाकीथेल में पुलिस स्टेशनों पर हमला करने की कोशिश करने के बाद 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अधिकतर महिलाएं शामिल थीं। इस स्थिति को काबू करने के लिए आरएएफ कर्मियों सहित सुरक्षा बलों को कई राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
कई लोगों को मिली छूट
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इम्फाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम जिले के अधिकारियों ने नगर पालिका, बिजली, स्वास्थ्य, पीएचईडी, मीडियाकर्मियों और हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों और अधिकारियों को कर्फ्यू के दायरे से छूट दी है।
कई इलाकों में मिली कर्फ्यू में ढील
हालांकि, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों सहित इंफाल घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है, ताकि आम जनता दवाओं और खाद्य पदार्थों के साथ अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद सके। थौबल जिले में सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक और बिष्णुपुर में सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है।

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