मुंबई
पेटीएम के शेयरों में गुरुवार (1 फरवरी 2024) को 20 प्रतिशत का लोअर सर्किट लगा है। इस बड़ी गिरावट के बाद कंपनी के शेयर बीएसई में लुढ़ककर 608.80 रुपये के लेवल पर आ गया। इससे पहले बुधवार को बीएसई में यह शेयर 761 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। बता दें, पेटीएम के शेयरों की कीमतों में गिरावट के पीछे की बड़ी वजह रिजर्व बैंक का फैसला है।
क्या फैसला किया है रिजर्व बैंक ने?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को किसी भी ग्राहक खाते, प्रीपेड साधन, वॉलेट एवं फास्टैग में 29 फरवरी, 2024 के बाद जमा या टॉप-अप स्वीकार न करने का बुधवार को निर्देश दिया है। हालांकि, निवेशक जमा पैसा निकाल पाएंगे।
590 रुपये तक आएगा भाव
ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने दिसंबर 2022 के बाद पहली बार पेटीएम के शेयरों को बेचने की सलाह दी है। एक्सपर्ट ने कहा है कि मौजूदा परिस्थिति में कंपनी के शेयर 590 रुपये तक लुढ़क सकते हैं। अगर यह अनुमान सही हुआ तो निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है।
लिस्टिंग के दिन ही 27% लुढ़का था शेयर
पेटीएम का आईपीओ 1 नवंबर 2021 को आया था। तब कंपनी ने प्राइस बैंड 2080 रुपये से 2150 रुपये प्रति शेयर तय किया था। कंपनी की एनएसई में लिस्टिंग 9 प्रतिशत के डिस्काउंट के साथ 1955 रुपये पर हुआ था। वहीं, लिस्टिंग के दिन ही कंपनी के शेयर 27 प्रतिशत की गिरावट के बाद 1564 रुपये तक आ गए थे।
आरबीआई ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ग्राहकों को बचत बैंक खाते, चालू खाते, प्रीपेड माध्यम, फास्टैग, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) सहित अपने खातों से शेष राशि की निकासी या उपयोग की अनुमति किसी प्रतिबंध के बगैर दी जाएगी।

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