August 18, 2026

3 कलेक्टर समेत कई अधिकारियों का सरकारी मकान खाली करने का फरमान

भोपाल। मप्र सरकार ने राजधानी में लंबे समय से सरकारी मकानोंं पर कब्जा जमाए बैठे तीन कलेक्टरों समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें तत्काल सरकारी मकान खाली कराने का फरमान दिया है। गृह विभाग ने फरमान में कहा है कि जिन अधिकारियों का तबादला महीनों पहले हो चुका है और उन्हें संबंधित जिलों में आवास आवंटित भी कर दिए गए हैं, वे तुरंत सरकारी मकान को खाली करें, वर्ना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर, उमरिया कलेक्टर धरेंद्र कुमार जैन और मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग राजधानी भोपाल में सरकारी मकान अब तक खाली नहीं किया है। यही नहीं, उज्जैन के अपर आयुक्त रत्नाकर झा, रायसेन की अपर कलेक्टर श्वेता पवार, राजगढ़ के सीईओ महीप तेजस्वी, ग्वालियर के डीआईजी अमित सांघी, ग्वालियर की अपर आयुक्त निधि सिंह, इंदौर के डीएसपी उमाकांत चौधरी और रीवा के सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर भी महीनों से स्थानांतरण के बाद भोपाल के सरकारी मकानों में जमे हुए हैं। गृह विभाग ने जिन अधिकारियों ने समय रहते बंगले खाली नहीं किए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निशा बांगरे को भी मिला था नोटिस
हम बता दें 2023 विधानसभा चुनाव के पहले डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को भी सरकारी मकान खाली नहीं करने पर नोटिस भेजा गया था। बांगरे के चुनाव लड़ने की अटकलों के चलते यह मामला बहुत गरमाया था। उस समय नोटिस में उनके भोपाल से ट्रांसफर होने के बाद भी सरकारी आवास पर अवैध कब्जे के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि बांगरे ने निजी कारण से बंगला खाली नहीं कर पाने का कारण बताया था और नोटिस मिलने के कुछ दिन बाद बंगला खाली कर दिया था।