नई दिल्ली
महिलाओं की शादी की उम्र मौजूदा 18 से बढ़ाकर 21 साल करने वाले विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन महीने का नया विस्तार दिया गया है। बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 दिसंबर 2021 में लोकसभा में पेश किया गया था और इसे शिक्षा, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और खेल पर स्थायी समिति को भेजा गया था।
पहले भी बढ़ाया गया समय
पहले भी समिति को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए विस्तार दिया गया है। मंगलवार को जारी राज्यसभा बुलेटिन के मुताबिक, सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने विधेयक की जांच करने और अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए पैनल को 24 जनवरी, 2024 तक तीन महीने का और अधिक समय दिया है।
स्मृति ईरानी ने लोकसभा अध्यक्ष को किया था अनुरोध
मालूम हो कि शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति राज्य सभा सचिवालय के अधीन कार्य करती है। विधेयक पेश करने के तुरंत बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा अध्यक्ष से विधेयक को विस्तृत जांच के लिए स्थायी समिति को भेजने का अनुरोध किया था।
ईरानी ने सदन को बताया था कि सरकार पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता लाना चाहती है। उन्होंने कहा था कि यह विधेयक विवाह के संबंध में पार्टियों को नियंत्रित करने वाले किसी भी रीति-रिवाज, उपयोग या प्रथा सहित सभी मौजूदा कानूनों को खत्म करने का प्रयास करता है।

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