भोपाल
प्रदेश के 560 स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय नहीं है इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग के अफसर चेते हैं और अब ये व्यवस्थाएं शुरु करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश के स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय नहीं होंने और सेनेटरी पैड की व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर डॉ. जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग को फटकार लगाई है। इसके बाद राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में सुनवाई के बाद दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।
प्रदेश के आवासीय और गैर आवासीय विद्यालयों में महिला शौचालय की जानकारी निर्माण कक्ष द्वारा दी गई है इसको लेकर व्यवस्थाएं की जाएं। मध्यप्रदेश् में समग्रह शिक्षा अभियान की कार्य योजना वर्ष 23-24 के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को सेनेटरी पेड प्रदाय करने हेतु आगामी वित्तीय वर्ष में बजट प्रस्ताव रखा जाएगा एवं निस्तारण स्थानीय व्यवस्था में डीप ब्यूरल पद्धति से कराया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में लगे इस प्रकरण की अद्यमन वस्तुस्थिति से अवगम कराते हुए संचालक ने इस मामले में आगे कार्यवाही करने को कहा है। प्रदेश के 52 जिलों में 24 हजार 741 विद्यालय है जिनमें से 560 में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है।

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