नयी दिल्ली
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन खबरों को 'भ्रामक' करार दिया, जिनमें दावा किया गया है कि गर्भ निरोधकों की खरीद में देश की केंद्रीय खरीद एजेंसी की विफलता के कारण देश का परिवार नियोजन कार्यक्रम गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘ऐसी खबरें गलत और भ्रामक जानकारी प्रदान करती हैं।’
स्वायत्त निकाय केंद्रीय चिकित्सा सेवा सोसायटी (सीएमएसएस) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय खरीद एजेंसी है जो राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लिए कंडोम की खरीददारी करती है।
मंत्रालय ने कहा, ‘सीएमएसएस ने मई 2023 में परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए 5.88 करोड़ कंडोम खरीदे और कंडोम की वर्तमान मात्रा परिवार नियोजन कार्यक्रम की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।’
वर्तमान में, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) को एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड से 75 प्रतिशत मुफ्त कंडोम की आपूर्ति प्राप्त हो रही है तथा हाल की मंजूरी के आधार पर 2023-24 के लिए शेष 25 प्रतिशत की मात्रा सीएमएसएस द्वारा प्रदान करने की तैयारी चल रही है।
बयान में कहा गया है कि एनएसीओ की आवश्यकता को एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड से ऑर्डर किए गए 6.6 करोड़ कंडोम के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
इसमें कहा गया है कि सीएमएसएस द्वारा खरीद में देरी के कारण कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है। सीएमएसएस ने चालू वित्त वर्ष में विभिन्न प्रकार के कंडोम की खरीद के लिए पहले ही निविदाएं प्रकाशित कर दी हैं और ये निविदाएं अंतिम रूप दिए जाने के अंतिम चरण में हैं।

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