नई दिल्ली। दुनिया में चल रही उथल-पुथल और टैरिफ वार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह अमेरिका जा सकते हैं और संभवत: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर शांति का मार्ग प्रशस्त करने के लिये चर्चा की। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के सितंबर के आखिरी सप्ताह में अमेरिका दौरे पर जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा का औपचारिक कारण संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में हिस्सा लेना है, लेकिन असल मकसद ट्रंप से मुलाकात कर व्यापार विवाद सुलझाना और टैरिफ पर सहमति बनाना होगा। इस दौरान दोनों नेता एक व्यापार समझौते की घोषणा भी कर सकते हैं, बशर्ते कि मौजूदा अड़चनें दूर हो जाएं। हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव आया है। ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफ़ायर कराया, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी का यह दौरा रिश्तों को सामान्य करने और अक्टूबर में होने वाले क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप की भारत यात्रा का रास्ता साफ करने में मदद करेगा।
15 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात होने वाली है, जिसमें यूक्रेन युद्ध पर समाधान पर चर्चा होगी। पीएम मोदी हाल ही में पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर चुके हैं। भारत का मानना है कि संघर्ष का समाधान दोनों देशों के हित में है और यह संदेश दोनों नेताओं को दिया जा चुका है। भारत-अमेरिका के वार्ताकार दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते पर पहले ही करीब थे, लेकिन ट्रंप मौजूदा मसौदे से संतुष्ट नहीं हैं। नई शर्तों पर चर्चा जारी है। दोनों पक्ष मिशन 500 के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। फरवरी में अमेरिका में मोदी-ट्रंप की मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी कि मल्टी-सेक्टर द्विपक्षीय व्यापार समझौता का पहला चरण इस साल तैयार किया जाएगा। भारत ने पीएम मोदी के लिए 26 सितंबर की सुबह यूएनजीए में 15 मिनट के भाषण का स्लॉट तय किया है, जबकि ट्रंप का भाषण 23 सितंबर को होगा। जेलेंस्की ने भी सोमवार को मोदी से फोन पर बात के बाद कहा कि वे सितंबर में यूएनजीए के दौरान व्यक्तिगत मुलाकात पर सहमत हुए हैं।

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