माले.
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय, विदेश मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर साइबर अटैक की आशंका है। शनिवार रात कई घंटों तक वेबसाइटें डाउन रहीं। हालांकि, अब इन्हें रिस्टोर कर लिया गया है और पहले की तरह एक्सेस मिल रहा है। कल रात मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय, विदेश मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइटें ओपन नहीं हो रही थीं। इन पर टेक्निकल एरर का मैसेज दिख रहा था जिससे ये कई घंटों तक बंद रहीं और पहुंच से बाहर रहीं।
इस अस्थायी व्यवधान के बाद मालदीव की तीन सरकारी वेबसाइटों ने अब फिर से काम करना शुरू कर दिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि मालदीव की सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले की आशंका है, जिसके चलते काफी देर तक इनसे संपर्क नहीं हो पाया। वेबसाइट ओपन होने में दिक्कत आने पर मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर लिखा, 'कृपया ध्यान दें! राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट इस वक्त तकनीकी रुकावट का सामना कर रही है। राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (एनसीआईटी) और दूसरी संबंधित संस्थाएं इसे ठीक करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। हम इससे होने वाली किसी भी असुविधा के लिए क्षमा चाहते हैं। आपके सहयोग और धैर्य के लिए धन्यवाद।'
साइबर हमले के कारण संसद का कामकाज बाधित
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अल्बानिया में साइबर हमले के कारण संसद का कामकाज बाधित हो गया था। साइबर हमले में हैकर ने उनके जरूरी डेटा तक पहुंचने और उसे मिटाने का प्रयास किया। बयान में कहा गया कि इस साइबर अटैक में हैकर सिस्टम के डेटा तक नहीं पहुंच पाए। खबरों में बताया गया कि साइबर हमले में सेलफोन प्रदाता और विमानन कंपनी को भी निशाना बनाया गया। कहा गय कि होमलैंड जस्टिस नामक ईरानी हैकर ने इसे अंजाम दिया, लेकिन इसे सत्यापित नहीं किया जा सका है। अल्बानिया में 2022, जुलाई में भी साइबर हमले का मामला सामने आया था, जिसके बाद सरकार ने ईरान के विदेश मंत्रालय को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

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