बिलासपुर
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में विजय कुमार राजपूत उर्फ विज्जू के खिलाफ जारी जिला बदर आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत जिला बदर की कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर आरोपों की जानकारी और अपना पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य है। बिना इस प्रक्रिया का पालन किए पारित आदेश कानून की नजर में अमान्य है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने दिए फैसले में कहा कि जिला बदर का आदेश नागरिक की आवागमन की मौलिक स्वतंत्रता को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन को इस असाधारण शक्ति का उपयोग बेहद सावधानी से करना होगा। मामले की शुरुआत 2019 में हुई थी, रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने विजय कुमार के खिलाफ 2009 से 2019 के बीच दर्ज दस आपराधिक मामलों के आधार पर जिला बदर की कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा की थी।

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