राजनांदगांव.
सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नाबालिग बालिका की गलत जांच मामले में राज्य शासन ने घुमका के बीएमओ डॉ. एनके टंडन पर कार्यवाही करते हुए उन्हे निलंबित कर दिया गया है. इस मामले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित की गई थी.
गहन जांच के बाद जिला प्रशासन ने राज्य शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी. जिसके आधार पर राज्य शासन ने प्रथम दृष्टि में घुमका बीएमओ को दोषी पाया है. सूत्रों ने बताया कि प्रेगनेंसी कीट की खरीदी किए जाने के मामले में लापरवाही बरती गई थी. जिसके चलते किट से लिए गए सैंपल में रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया था. जब परिजनों ने दोबारा जांच के लिए जिला अस्पताल में सैंपल दिए थे, जहां रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी. जिसके बाद इस मामले में जमकर बवाल हुआ था. कांग्रेसियों ने पुलिस पर नाबालिग को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था.
पहले भी हो चुकी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर अलग जांच कराई गई थी. जिसमें सोमनी टीआई को एसपी द्वारा पहले ही निलंबित कर दिया गया था. वही दूसरी तरफ जिला प्रशासन स्तर पर गठित टीम ने अपने स्तर पर जांच की है. जिसमें बीएमओ को दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है.

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