नई दिल्ली
पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है और 23 अक्टूबर को इसका समापन होगा। 24 अक्टूबर को विजयदशमी का त्यौहार मनाया जाएगा। नवरात्रि के पूरे 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान जगजननी स्वयं धरती पर आकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। बता दें कि मां जगदंबा हर बार अलग-अलग वाहन के साथ धरती पर पधारती हैं। पिछले चैत्र नवरात्रि पर मां जगदंबा नौका पर सवार होकर आई थीं। तो चलिए जानते हैं, वर्ष 2023 में शारदीय नवरात्रि के दौरान मां कौन से वाहन पर सवार होकर आएंगी।
मां दुर्गा की सवारी
वैसे तो मां दुर्गा की सवारी शेर है लेकिन जब-जब मां नवरात्रि के दौरान धरती पर आती हैं तो अपना वाहन बदल लेती हैं। बता दें कि वर्ष 2023 में शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार इसे बहुत ही ज्यादा शुभ माना गया है। हाथी पर माता रानी का आना बहुत ज्यादा वर्षा का संकेत देता है।
मां दुर्गा के अलग-अलग वाहन
नवरात्रि के समय मां इन वाहनों पर सवार होकर आती हैं- नाव, हाथी, भैंसा, पालकी और घोड़ा।
किस तरह तय किया जाता है माता का वाहन
मान्यताओं के अनुसार जिस दिन से नवरात्रि का आरंभ होता है। उस दिन के अनुसार मां अलग-अलग वाहनों के साथ पृथ्वी लोक पर पधारती हैं। देवी भागवत पुराण के मुताबिक अगर नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार के दिन से होती है तो माता हाथी पर चढ़कर आती हैं। गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्रि का आरंभ हो रहा हो तो माता डोली पर आती हैं। वर्ष 2023 में नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है, इसके मुताबिक मां हाथी पर आएंगी।
हाथी पर सवार होकर आने का प्रभाव
किवदंतियों के अनुसार हाथी पर आने का मतलब है ढेर सारी खुशियां। हाथी पर आना इस बात की तरफ संकेत देता है कि इस वर्ष खूब वर्षा होने वाली है। इसके मुताबिक देश में अन्न-धन का भंडार बढ़ने की सम्भावना है। मां का वाहन हाथी ज्ञान व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जिस वजह से लोगों के बिगड़े हुए काम बन जाएंगे। माता रानी अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाएंगी।

More Stories
Vastu Tips: घर में इन जगहों पर रखें नमक, दूर रहेगी नकारात्मकता और बनेगा सकारात्मक माहौल
वास्तु के अनुसार छत पर पौधे लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है वास्तु दोष
Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय