नई दिल्ली
'मोदी सरनेम' को लेकर की गई राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़े केस में भले ही उन्हें राहत मिल गई हो, लेकिन ये मामला अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में आ ही जाता है। अब एक बार फिर ये केस खबरों में है। दरअसल, इस मामले में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली को अशोक पांडे नाम के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने ना केवल उसकी याचिका को खारिज किया, बल्कि वकील पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया।
आपको बता दें कि मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को दोषी मानते हुए सूरत कोर्ट से दो साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद लोकसभा से उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। इस सजा को राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली। राहुल गांधी ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उनकी सजा पर स्टे लगा दिया गया। सजा पर स्टे लगने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता भी बहाल कर दी गई।
'कानून की प्रक्रिया की दुरुपयोग है ये याचिका'
शुक्रवार को एक वकील ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता वकील पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में कहा कि ये याचिका एक तरह से कानून की प्रक्रिया की दुरुपयोग है, क्योंकि मामले से याचिकाकर्ता के किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है। आपको बता दें कि मार्च 2023 में मोदी सरनेम मामले में सूरत कोर्ट से दो साल की सजा मिलने के बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी थी। इसके बाद 4 अगस्त को जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर स्टे लगाया, तो उनकी लोकसभा सदस्यता फिर से बहाल कर दी गई। राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं। मामले को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि अडानी का मुद्दा संसद में उठाने से मोदी सरकार राहुल गांधी से डर गई और इसलिए पूरी प्लानिंग के साथ उनकी सदस्यता रद्द कराई।

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