छतरपुर
प्रदेश में आज भी कई गांव में कच्ची सड़कों की दयनीय स्थिति ने ग्रामीणों की जिंदगी को एक बड़ा सवालिया निशान बना दिया है। बरसों से सड़क निर्माण के वादे केवल शब्दों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि वास्तविकता की तस्वीर पर कीचड़ की परत चढ़ गई है। गांव में सड़कें ऐसी हैं जैसे किसी ‘खोया हुआ स्वप्न’ की तलाश हो। बारिश के मौसम में स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि लोगों को अपने घर से बाहर निकलना एक संघर्ष बन जाता है
छतरपुर के राजनगर विधानसभा क्षेत्र टिकुरी ग्राम पंचायत के भेलन पुरवा गांव में ग्रामीणों को पक्की सड़क के अभाव में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़कों की दयनीय स्थिति और बारिश के मौसम में कीचड़ के ढेर ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है भेलन पुरवा गांव के लोग बताते हैं बरसात के दौरान कच्ची सड़कें पूरी तरह से कीचड़ से भर जाती हैं, जिससे आवागमन असंभव हो जाता है यहीं नहीं स्कूल जाने वाले बच्चों का शिक्षा भी प्रभावित होती है,साथ ही कामकाजी लोग और बुजुर्ग सभी इस समस्या से जूझ रहे हैं कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई इस गांव में पक्की सड़क निर्माण कराया जाए किंतु किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि सक्रिय हो जाते है और वादों का सपना दिखाकर चले जाते हैं फिर ग्रामीणों की कोई सुध नहीं लेता भेलन पुरवा गांव में शिक्षा स्वास्थ्य,एवं बिजली की समस्या,शासन की योजनाओं से ग्रामीण वंचित होते नजर आ रहे हैं
मामला मीडिया में आने के बाद ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जागी है कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र किया जाएगा, ताकि वे भी एक बेहतर जीवन जी सकें और सामान्य गतिविधियों में बाधा न आए।

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