भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनता जिनको भगवान के बाद दूसरे स्थान का दर्जा देती है, ऐसे मेरे प्रिय डॉक्टर्स का मैं हृदय से स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि बच्चों से पूछो कि बड़े होकर क्या बनना चाहते हो तो अधिकतर बच्चे कहते हैं कि डॉक्टर, इसलिए डॉक्टर्स की जिम्मेदारी समाज में बहुत कुछ देने की है। मैं भी डॉक्टर बनना चाहता था लेकिन आपातकाल में जेल जाने के बाद मेरे विचार बदल गए।
सीएम चौहान ने ये बातें गुरुवार को सीएम निवास के समत्व भवन में 200 नव नियुक्त चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र देने के बाद कहीं। उन्होंने चिकित्सकों के सेवा कार्य की चर्चा इस दौरान की। साथ ही कहा कि उनका काम ऐसा है कि लोग भगवान का दर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स का काम सिर्फ नौकरी करना नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करना है। डॉक्टर्स अस्पताल की आत्मा हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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