मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो लोगों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह से अंदर ही अंदर दिल की बीमारी, डायबिटीज, फैटी लिवर बन जाता है। ये सारी दिक्कतें एकसाथ शरीर को खोखला बना देती हैं और फिर जिंदगीभर दवाइयों का सहारा लेना पड़ता है।
मगर पतलापन भी है नुकसानदायक
लेकिन इन सभी बातों के बाद आप सोच रहे हैं कि इंसान को बिल्कुल पतला होना चाहिए तो गलत है। क्योंकि जरूरत से ज्यादा वजन कम होना भी बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इस स्थिति की वजह से भी 5 खतरनाक बीमारी हो सकती हैं। तो सवाल यै है कि आखिर किसी को कितना मोटा होना चाहिए?
कितना मोटा होना चाहिए?
बॉडी की लंबाई और वजन के अनुपात से बॉडी मास इंडेक्स निकाला जाता है, जिसे बीएमआई भी कहते हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, एक हेल्दी बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच होता है। इससे कम वाले को अंडरवेट कहा जाता है।
कुपोषण के शिकार
जरूरत से ज्यादा पतला होने पर शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। इस स्थिति को कुपोषण कहा जाता है। इसमें कमजोरी, थकान, गंजापन, ड्राई स्किन, दांतों का हिलना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
कमजोर इम्यून सिस्टम
कई शोध में देखा गया है कि अंडरवेट होने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। जिसकी वजह से मौसम बदलने या वायरस-बैक्टीरिया की चपेट में आने पर आसानी से बीमार पड़ सकते हैं।
हड्डियां भी होंगी पतली
न्यूट्रिशन की कमी से विटामिन डी और कैल्शियम की कमी भी हो सकती है। जो ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी बना सकती है। इसमें हड्डियों की मोटाई कम हो जाती है और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
इनफर्टिलिटी और हाइट रुकना
अंडरवेट में हॉर्मोन असंतुलित हो सकते हैं, जो कि इनफर्टिलिटी बढ़ा सकते हैं। वहीं, यह बच्चों का विकास रोक सकता है और हाइट छोटी रह जाती है। वजन बढ़ाने के लिए डाइट में अंडा, केला, फल, सब्जियां आदि शामिल करें।

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