February 22, 2026

आईआईएम कलकत्ता कथित रेप केस: पीडि़ता के पिता ने कहा- रेप नहीं हुआ, बेटी ऑटो से गिरी थी

 

-आरोपी छात्र 19 जुलाई तक पुलिस रिमांड में
कोलकाता। आईआईएम कलकत्ता कैंपस में कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है और संबंधितों के बयान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे पेंच उलझते जा रहे हैं। दरअसल अब एक और नया मोड़ सामने आया है, जबकि पीडि़ता के पिता ने दावा किया, कि उनकी बेटी के साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ और वह तो ऑटो से गिरकर बेहोश हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटी से पुलिस ने दबाव में शिकायत दर्ज करवाई है।
हालांकि, इससे पहले पीडि़ता ने एफआईआर में कहा था कि उसे हॉस्टल बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और फिर उसके साथ बलात्कार किया गया। इस मामले में एमबीए के अंतिम वर्ष के छात्र महावीर टोप्पन्नावर उर्फ परमानंद जैन को गिरफ्तार कर 19 जुलाई तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
यहां सबसे पहले पीढ़िता का बयान सामने आया था, जिसमें उसने कहा था कि सोशल मीडिया पर जान-पहचान के बाद आरोपी ने काउंसलिंग के बहाने हॉस्टल बुलाया। उसे पिज्जा और पानी दिया गया, पानी पीते ही बेहोश हो गई। होश में आने पर खुद को अर्धनग्न पाया और आरोपी ने धमकाया कि चुप रही तो ठीक रहेगा। अब पीडि़ता के पिता का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा, कि बेटी ने बताया कि उसके साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं हुई। शिकायत शायद पुलिस दबाव में दर्ज कराई गई हो। आरोपी से उसका कोई संबंध नहीं था। घटना के बाद से वह बहुत थकी हुई और सो रही है। इस पूरे मामले में आरोपी की मां का बयान भी खासा महत्व रखता है, जिसमें उसने कहा है, कि हमें रात को अचानक बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिली। मेरा बेटा निर्दोष है और ऐसा गंदा काम कभी नहीं कर सकता।

पुलिस क्या कह रही?
कोलकाता पुलिस के वकील सौरिन घोषाल ने कहा, कि मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया सबूतों के आधार पर मामला गंभीर है।

आईआईएम कलकत्ता का बयान
इस मामले में आईआईएम संस्थान ने कहा, कि हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है और हम पुलिस के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। सभी संबंधित पक्षों की गोपनीयता और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। इस प्रकार पीडि़ता और उसके पिता के विरोधाभासी बयानों के सामने आने के बाद मामला उलझा हुआ लग रहा है। ऐसे में जबकि मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों से जो कुछ निकलकर सामने आया है, उसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रही हैं।