बंगाल
वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता मुकुल रॉय ने मंगलवार रात को फिर भारतीय जनता पार्टी में जाने की इच्छा जता दी। उन्होंने कहा कि वह अब भी भाजपा के विधायक हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलना चाहेंगे क्योंकि वह घर वापसी के इच्छुक हैं। ऐसा कहकर रॉय ने राजनीतिक पंडितों को अपने अगले कदम के बारे में गहरी उलझन में डाल दिया है।
उन्होंने देर रात एक बांग्ला समाचार चैनल से कहा, ‘मैं भाजपा विधायक हूं। मैं भाजपा के साथ रहना चाहता हूं। पार्टी ने यहां मेरे रहने की व्यवस्था की है। मैं अमित शाह से मिलना चाहता हूं और मंगलवार की शाम (पार्टी अध्यक्ष) जे.पी. नड्डा से बात करना चाहता हूं।’ टीएमसी के संस्थापक सदस्य रहे रॉय 2017 में भाजपा में चले गए। उन्होंने 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की।
हालांकि, वह सदन से इस्तीफा दिए बिना जल्द ही तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। रॉय ने कहा, 'काफी समय से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं राजनीति से दूर था। लेकिन अभी मैं ठीक हूं और फिर से राजनीति में सक्रिय रहूंगा।' उन्होंने कहा कि उन्हें ‘100 प्रतिशत विश्वास है कि वह कभी भी टीएमसी के साथ नहीं जुड़ेंगे।’
रॉय ने अपने बेटे सुभ्रांशु को भी सलाह दी कि उन्हें भी भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए सबसे उपयुक्त होगा। रॉय ने सोमवार रात को ‘कुछ निजी काम’ से नई दिल्ली की यात्रा की। उनकी यात्रा इतनी गोपनीय रही कि उनके परिवार ने शुरू में दावा किया कि वह ‘लापता’ हो गए हैं। परिवार ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह टीएमसी नेता का उपयोग कर रही है। परिवार ने रॉय को अस्वस्थ और दिमागी तौर पर कमजोर करार दिया।
रॉय के आवास पर नाटक सोमवार देर शाम से तब शुरू हुआ जब टीएमसी नेता के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि वह ‘लापता’ है। रॉय के बेटे ने यह भी दावा किया कि उनके पिता की पिछले महीने ‘मस्तिष्क की सर्जरी’ हुई थी और वह परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों को भी पहचानने में विफल रहे।

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