केन्या
केन्या सरकार और भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले अडाणी समूह के बीच हुए एक समझौते के विरोध में बुधवार को देश के मुख्य हवाई अड्डे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण विमानों का परिचालन थमा रहा और सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंसे रहे। सरकार ने कहा है कि अडाणी समूह के साथ निर्माण और संचालन समझौते के तहत जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नवीनीकरण किया जाएगा और एक अतिरिक्त रनवे एवं टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। समझौते के तहत समूह 30 वर्षों तक हवाई अड्डे का संचालन करेगा।
‘केन्या एयरपोर्ट वर्कर्स यूनियन' ने हड़ताल की घोषणा की और आरोप लगाया कि इस समझौते से लोगों के रोजगार जाएंगे और जिनकी नौकरियां बची रहेंगी उन पर ‘‘सेवा की बेहद खराब नियम एवं शर्तें'' लगाई जाएंगी। नैरोबी में सेवा देने वाली विमानन कंपनी ‘केन्या एयरवेज' ने घोषणा की कि हवाई अड्डे पर जारी हड़ताल के कारण विमानों के परिचालन में देरी होगी और संभवत: परिचालन रद्द करना पड़ेगा। पिछले सप्ताह हवाई अड्डा कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार के साथ वार्ता लंबित रहने के कारण उन्होंने हड़ताल वापस ले ली थी।
पिछले सप्ताह स्थानीय मीडिया आउटलेट्स की खबर के अनुसार, हवाई अड्डा अधिकारियों के साथ अज्ञात लोगों को वहां आसपास घूमते देखा गया, जिनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। इससे इस बात की चिंता बढ़ गई कि भारतीय कंपनी के अधिकारी इस समझौते के लिए तैयार हैं। सोमवार को उच्च न्यायालय ने ‘लॉ सोसायटी' और केन्या मानवाधिकार आयोग द्वारा दायर मामले की सुनवाई होने तक समझौते के क्रियान्वयन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी।

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