February 15, 2026

धरना-प्रदर्शन, सांप्रदायिक तनाव से निपटने गृह मंत्रालय ने गाइड लाइन जारी की

नई दिल्ली। नेपाल की घटना से सबक लेते हुये केंद्रीय ग्रह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में धरना प्रदर्शन, सांप्रदायिक तनाव और भीड़ से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन बनाई है। इसमें पुलिस और सुरक्षा बलों को ऐसी स्थिति-परिस्थितियों में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर ब्यूरो ऑफ़ पुलिस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा बनाई गई यह गाइडलाइन महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में तैयार की गई है। यह गाइड लाइन सांप्रदायिक तनाव, छात्र आंदोलन, सोशल मीडिया से संचालित जन आक्रोश, इत्यादि में भीड़ से निपटने के लिए बनाई गई है। इसमें 13 बड़े कारणों की पहचान की गई है, जो हमेशा कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं।
दो पक्षों के बीच निजी विवाद, धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद, धार्मिक स्थलों के पास दूसरे समुदाय द्वारा जुलूस नारेबाजी,महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़, अलग-अलग समुदायों में शादी होने पर, होली, दीवाली जैसे त्योहारों पर, गौ हत्या, क्रिकेट मैच, सांप्रदायिक तनाव, छात्र प्रदर्शन, किसान प्रदर्शन, एवं मांगों को लेकर जो प्रदर्शन होते हैं। उसको कैसे नियंत्रित किया जाए, इसके लिये गाइड लाइन में सुझाव दिये गये हैं।

यह गाइडलाइन देश के सभी राज्यों को भेजी गई है। पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को इस गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए सांप्रदायिक तनाव और भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई है। गाइडलाइन में गैर कानूनी जमावड़ा और आक्रामक प्रदर्शन के लिए किस तरह से सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। किसानों और मजदूरों की रैलियों को किस तरीके से नियंत्रित किया जाए। इसके बारे में बिंदुवार गाइड लाइन गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई है।