नई दिल्ली
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी वेदांता रिसोर्सेज के लिए अच्छी खबर है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी जेपी मॉर्गन चेज़ और स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक के साथ कर्ज लेने के लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। कंपनी को इस फंड की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। आने वाले समय में कई पेमेंट्स वेदांता रिसोर्सेज को करने हैं। अगर ये भुगतान समय से नहीं हुए तो कंपनी पर डिफॉल्ट करने का खतरा बन जाएगा।
वेदांता रिसोर्सेज, वेदांता लिमिटेड की पैरेंट कंपनी है। वेदांता रिसोर्सेज को 3.1 बिलियन डॉलर के बॉन्ड का भुगतान करना है। कंपनी को बकाया वित्त वर्ष 2024-25 में देना है। बता दें, वित्त वर्ष 2022-23 में हिदुस्तान जिंक और वेदांता लिमिटेड से वेदांता रिसोर्सेज को 2.5 अरब डॉलर का डिविडेंड मिला था।
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए पिछले साल वेदांता लिमिटेड में अपनी 6 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेच दिया था। कंपनी पर 31 मार्च 2022 तक 9.06 अरब डॉलर का कर्ज था। जोकि जून 2023 में घटकर 5.9 अरब डॉलर के लेवल पर आ गया था। कंपनी ने पिछले हफ्ते बताया था कि बोर्ड ने रिस्ट्रक्चरिंग के प्लान को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद 6 अलग-अलग फर्म अस्तित्व में आ जाएंगे। बता दें, यह प्रोसेस 12 से 15 महीने के भीतर पूरा हो जाएगा।
ये कंपनियां आएंगी अस्तित्व में
डिमर्जर के बाद वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पॉवर, वेदांता स्टील और वेदांता बेस मेटल शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएंगी। अनिल अग्रवाल ने डिमर्जर को लेकर कहा था कि इससे कंपनी की वैल्यू बढ़ेगी और अलग-अलग वर्टिकल में तेजी से ग्रोथ भी कर पाएंगी। बता दें, आज यानी बुधवार को कंपनी के शेयर 3.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 221.90 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहा था।

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