नई दिल्ली
इजरायल और हमास के युद्ध में पहली बार भारतीय मूल के सैनिक के घायल होने की खबर है। कहा जा रहा है कि मणिपुर में जन्मे सैनिक हिजबुल्लाह की बमबारी में घायल हो गए हैं। खास बात है कि भारत से बड़ी संख्या में यहूदी युद्ध के मोर्चे पर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि जारी संघर्ष में अब तक 3800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास को खत्म करने का ऐलान कर चुके हैं।
मणिपुर के चूड़ाचांदपुर स्थित लामका के नेतेनल तौथंग लेबनान के समूह हिजबुल्लाह की बमबारी में घायल हो गए हैं। खबर है कि उनकी आंख और हाथ पर चोटें आई हैं। 18 अक्टूबर को वह घायल हुए थे और हैफा स्थित रामबाम अस्पताल में उनका इलाज जारी है। फिलहाल, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। तौथंग अपनी मां के साथ साल 2018 में इजरायल चले गए थे। वह बैत शीन में रहते हैं। खास बात है इजरायली सेना के बुलावे पर मणिपुर और मिजोरम से 400 से ज्यादा यहूदी इजरायल पहुंचे हैं। हिजबुल्लाह लगातार फिलिस्तीन का समर्थन करता रहा है और इजरायल के खिलाफ लंबे समय से लड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से गुरुवार को फोन पर बात कर गाजा के अल अहली अस्पताल में नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत के लंबे समय से जारी 'सैद्धांतिक रुख' को दोहराया। मोदी ने अब्बास के साथ क्षेत्र में आतंकवाद, हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर भारत की 'गंभीर चिंता' साझा की। प्रधानमंत्री ने अब्बास से कहा कि भारत फलस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा। इससे पहले पीएम मोदी इजरायल के साथ एकजुटता की बात कर चुके हैं। उन्होंने हमास के हमले पर भी हैरानी जाहिर की थी। हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर रॉकेट दाग दिए थे। इसके बाद बड़े स्तर पर इजरायली नागरिकों को गाजा में बंधक बनाए जाने की खबरें भी सामने आई थीं।

More Stories
एक राज्य का बदलेगा नाम! संसद में पेश होंगे कई अहम बिल, विपक्ष की मांग पर फिर हंगामे के आसार
CRPF के 600 जवानों के लिए ₹4.54 करोड़ मंजूर, बर्फीले मोर्चों पर मिलेंगे खास उपकरण
16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा