गाजा। संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) ने गाजा के अकालग्रस्त होने की आधिकारिक घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब पांच लाख लोग इस वक्त अकाल जैसी हालात झेल रहे हैं। यह वेस्ट एशिया में पहली बार है जब यूएन ने किसी जगह को आधिकारिक तौर पर अकालग्रस्त बताया है। रिपोर्ट कहती है कि 22 महीने से जारी इजरायल-हमास संघर्ष ने गाजा को तबाह कर दिया है। पांच लाख से ज्यादा लोग भुखमरी, गरीबी और मौत की कगार पर हैं। सितंबर के आखिर तक यह संकट गाजा के कई इलाकों तक फैल जाएगा। इसका असर दो-तिहाई फिलिस्तीनी आबादी पर पड़ेगा।
इजरायल ने यूएन के गाजा के अकालग्रस्त होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। इजरायली विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, गाजा में कोई अकाल और भुखमरी नहीं है। यह रिपोर्ट सिर्फ हमास के झूठ पर आधारित है। हाल के हफ्तों में बड़ी मात्रा में सहायत पहुंची है। इजरायल की एजेंसी ने भी कहा कि पिछले दावे कई बार गलत साबित हुए हैं। यह रिपोर्ट ग्राउंड सच को नहीं दिखाती। इसे राजनीतिक दस्तावेजों की तरह कूड़ेदान में डाल देना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार गाजा में भुखमरी की वजह जंग का बढऩा और लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन है। इसके अलावा मार्च 2025 में इजरायल ने गाजा में खाद्य सामग्री की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी थी। मई में थोड़ी राहत मिली, लेकिन तब तक हालात बहुत खराब हो चुके थे। रिपोर्ट कहती है कि गाजा का 98 प्रतिशत कृषि क्षेत्र या तो पूरी तरह नष्ट हो चुका है।

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