राजनांदगांव
फर्जी तरीके से मोबाइल सिम एक्टिवेट कर उन्हें अन्य लोगों को बेचकर अवैध कमाई करने के मामले में गैंदाटोला पुलिस ने फरार चल रहे आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 238 नग जियो कंपनी के ब्लैंक सिम कार्ड, दो बायोमैट्रिक फिंगर प्रिंट मशीन सहित 25 हजार रुपये नकद और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
गैंदाटोला के पोखन मोबाइल पीओएस संचालक द्वारा अपने साथियों के सहयोग से फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर बेचने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। आरोपित बम्हनीभाठा निवासी 25 वर्षीय मनीष कुमार शांडिल्य घटना के बाद से फरार चल रहा था।
जियो में काम करता था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित जियो कंपनी में काम करता था और कंपनी में काम करने के दौरान मिली जानकारी एवं सुविधाओं का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। इसके बाद इन्हें अन्य व्यक्तियों को बेचकर अवैध रूप से धन अर्जित करता था।
बनाई गई विशेष टीम
थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू ने टीम गठित कर आरोपित की लगातार पतासाजी शुरू की। पतासाजी के दौरान मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपित को सोमनी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में फर्जी सिम एक्टिवेशन और बिक्री से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
बरामद किया गया सामान
आरोपी के कब्जे से फर्जी सिम की खरीद-बिक्री में उपयोग किए जा रहे दो मोबाइल फोन, 238 नग नान-एक्टिव जियो सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, दो फिंगर प्रिंट मशीन तथा सिम की खरीद-बिक्री से प्राप्त 25 हजार रुपये बरामद कर विधिवत जब्त किए गए। आरोपित मनीष कुमार शांडिल्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों तथा फर्जी सिम के माध्यम से की गई संभावित धोखाधड़ी के संबंध में आगे की विवेचना जारी है।

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