नई दिल्ली
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ोतरी दर्ज की है। साल 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल चार लाख 45 हजार 256 मामले दर्ज किए गए हैं, जोकि 2021 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक हैं। यानी हर एक घंटे में 51 महिलाओं के साथ अपराध हुआ। एनसीआरबी की 4 दिसंबर को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल देश में कुछ 58,24,946 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से चार लाख 45 हजार 256 मामले महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के हैं, जबकि साल 2021 में चार लाख 28 हजार 278 केस दर्ज किए गए थे।
आरोपियों में पति और रिश्तेदार शामिल?
हैरान करने वाली बात यह है कि महिलाओं पर अपराध करने वाले मामलों में ज्यादातर पति-प्रेमी, रिश्तेदार या फिर कोई अन्य करीबी शख्स ही आरोपी निकले हैं। महिलाओं के पति या रिश्तेदारों द्वारा 31.4% क्रूरता, 19.2% अपहरण, 18.7% दुष्कर्म की कोशिश करने और 7.1% दुष्कर्म करने के मामले शामिल हैं।
दिल्ली है सबसे अनसेफ
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं के प्रति अपराध दर सबसे अधिक है। पिछले साल दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 14,247 मामले दर्ज किए गए। वहीं साल 2020 में 10093 और साल 2021 में 14277 मामले दर्ज किए गए थे। दिल्ली में अपराध उच्चतम दर 144.4 दर्ज की गई है, जोकि देश की औसत अपराध दर 66.4 से बहुत ज्यादा अधिक है।
दुष्कर्म में राजस्थान तो हत्या में यूपी आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में दुष्कर्म के कुल 31,516 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे अधिक मामले 5399 राजस्थान के हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3690 केस, मध्यप्रदेश में 3029 , महाराष्ट्र में 2904 और हरियाणा में 1787 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए हैं।
दहेज के लिए हत्या करने में यूपी-बिहार आगे
महिलाओं के लिए दिल्ली और राजस्थान सबसे असुरक्षित राज्य हैं, लेकिन दहेज के लिए जान लेने वालों में पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश और दूसरे नंबर पर बिहार है। दहेज के लिए उत्तर प्रदेश में 2138 और बिहार में 1057 महिलाओं की हत्या कर दी गई। वहीं मध्यप्रदेश में 518, राजस्थान में 451 और दिल्ली में 131 महिलाओं की दहेज के लिए हत्या कर दी गई।

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