फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'डॉन 3' को लेकर फिल्म गलियारों में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म से सुपरस्टार रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने की खबरों ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को इस मामले में दखल देना पड़ा.अब इन सब के बीच FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार उन चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया है, जिनकी वजह से फेडरेशन को एक्शन मोड में आना पड़ा.
अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी बताया कि मामला बढ़ने से पहले खुद मिस्टर परफेक्टनिस्ट यानी आमिर खान ने इस पूरे विवाद को सुलझाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें भी नाकाम रहीं.
फिल्ममेकर्स के डूब रहे थे 45 करोड़ रुपये
हिंदी रश को दिए इंटरव्यू के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि 'डॉन 3' के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भारी नुकसान की शिकायत लेकर फेडरेशन के पास पहुंचे थे. फिल्ममेकर्स ने FWICE को बताया कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही करीब 45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च कर चुके थे. फिल्म की तैयारी पूरी थी और सेट पर शूटिंग शुरू होने ही वाली थी कि एन वक्त पर लीड एक्टर यानी रणवीर सिंह ने पैर पीछे खींच लिए. शूटिंग से ठीक कुछ हफ्ते पहले एक्टर के प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से मेकर्स के सामने करोड़ों रुपये डूबने का संकट खड़ा हो गया था.
डेढ़ महीने तक रणवीर ने नहीं दिया कोई जवाब
अशोक पंडित के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद फेडरेशन ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत रणवीर सिंह से संपर्क किया ताकि इस मामले पर उनका पक्ष भी जाना जा सके. लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि एक्टर की तरफ से FWICE को कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि फेडरेशन करीब डेढ़ महीने तक लगातार रणवीर को रिमाइंडर्स भेजता रहा, लेकिन उस दौरान एक्टर या उनकी टीम की तरफ से पूरी तरह चुप्पी साधी गई.
बैन नहीं, सिर्फ नियम के तहत हुई कार्रवाई
जब रणवीर की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो FWICE ने उनके ऑडिटर्स द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और रिपोर्ट्स की जांच-पड़ताल की. अशोक पंडित ने बताया कि जिस दिन फेडरेशन रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी करने की आखिरी तैयारी में था, ठीक उसी दिन उन्हें एक ईमेल मिला. इस ईमेल में बताया गया कि एक्टर की टीम के दो प्रतिनिधि इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए फेडरेशन से मिलेंगे.
हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ने अपने निर्देश को जारी रखने का फैसला किया. इसके साथ ही अशोक पंडित ने यह साफ किया कि FWICE ने रणवीर पर कभी कोई 'बैन' नहीं लगाया था, बल्कि यह सिर्फ एक नियम आधारित निर्देश था.
आमिर खान ने भी की थी पैचअप की कोशिश
विवाद को लेकर एक और बड़ा खुलासा करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि यह मामला फेडरेशन तक पहुंचने से पहले ही इंडस्ट्री के भीतर इसे रफा-दफा करने की काफी कोशिशें हुई थी. आमिर खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े दिग्गजों ने फिल्ममेकर्स और रणवीर के बीच सुलह कराने का प्रयास किया था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि आज रणवीर सिंह हैं, कल कोई और एक्टर हो सकता है. फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट इस बड़े नुकसान का सामना कर रहा है, लेकिन अगर उनकी जगह कोई छोटा प्रोड्यूसर होता, तो वह बर्बाद हो जाता और उसे अपना घर तक बेचना पड़ जाता.
आखिरी समय पर प्रोजेक्ट छोड़ा
अशोक पंडित ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काम के मामले में हर किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए. चाहे कोई बड़ा सुपरस्टार हो, डायरेक्टर हो, असिस्टेंट डायरेक्टर हो, कैमरामैन हो या फिर एक स्पॉट बॉय कोई भी व्यक्ति आखिरी समय पर अपनी मर्जी से किसी तय प्रोजेक्ट को इस तरह नहीं छोड़ सकता कि सामने वाले का नुकसान हो जाए. उन्होंने साफ कहा कि हो सकता है कि आपके पास फिल्म न करने की 10 जायज वजहें हों, लेकिन अगर आपने पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट की थी और उस पर पैसा खर्च हो चुका है, तो उस आर्थिक नुकसान की भरपाई होनी ही चाहिए.

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