भोपाल
विधानसभा चुनाव 2023 में चुनाव मैदान में उतरे 2534 उम्मीदवारों में से 472 पर आपराधिक मामले हैं। 26 विधानसभा सीटें ऐसी है जहां कांग्रेस पर भाजपा दोनों ने ही आपराधिक मामलों से जुड़े उम्मीदवारों को टिकट दी है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में 79 सीटें ऐसी हैं जहां तीन या अधिक उम्मीदवारों पर अपराधिक मामले दर्ज है। कटनी जिले की मुरवारा विधानसभा सीट पर सर्वाधिक सात उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ऊपर अपराधिक मामले हैं। भिंड, सिरोंज और बालाघाट में आपराधिक मामलों से जुड़े छह-छह उम्मीदवार मैदान में हैं। 14 विधानसभा सीटें ऐसी है जहां आपराधिक मामलों से जुड़े पांच-पांच उम्मीदवार मैदान में है। प्रदेश की 25 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां आपराधिक मामलों से जुड़े चार-चार उम्मीदवार मैदान में हैं। मध्य प्रदेश में 26 विधानसभा सीटें ऐसी है जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलो ने आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों उम्मीदवार बनाया हैं। इनमें भिंड, सिरोंज, बालाघाट, दिमनी, पिछोर, आलोट, पथरिया, इंदौर एक, टीकमगढ़, नीमच, दमोह, मंनासा, बरगी, सुरखी, इंदौर एक, गाडरवारा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहगढ़, कुक्षी, मुरैना, विदिशा, सबलगढ़, ग्वालियर कोतमा, आष्टा, सोनकच्छ सीटें शामिल है।
विधानसभा चुनाव 2023 में मैदान में उतरे कांग्रेस पार्टी के सर्वाधिक 121 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले है तो वहीं भाजपा के 65 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले अध्यक्ष हैं। बहुजन समाजवादी पार्टी के 22, समाजवादी पार्टी के 23 और आम आदमी पार्टी के 26 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 134 उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं और उन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आजाद समाज पार्टी काशीराम के 20 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं।
79 संवेदनशील चुनाव क्षेत्र, आयोग की रहेगी पैनी नजर
विधानसभा चुनाव 2023 में कुल 230 विधानसभा सीटों में से 24 प्रतिशत यानी 79 संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र हैं, यहां तीन से अधिक उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। प्रदेश के इन सभी संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र पर इस बार चुनाव आयोग की पैनी नजर रहेगी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश निर्देशित किया गया है कि यहां धनबल और बाहुबल के उपयोग पर कड़ी नजर रखी जाए। केंद्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियों यहां तैनात रहेंगी जो जरा सी भी शिकायत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगी। इन निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले मतदान केदो की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी और सीसीटीवी कैमरे से भी इन पर नजर रखी जाएगी।
राजनीतिक दलों को बताना होगा आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के चयन का कारण
सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के चुनाव आयोग को निर्देश दिए हैं कि राजनीतिक दलों द्वारा चुने गए उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामलों के साथ-साथ इस तरह चयन के कारणों का प्रकाशन समाचार पत्रों, टीवी चैनल और पार्टी की वेबसाइट पर करना होगा। चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को भी आपराधिक मामलों की जानकारी तीन प्रमुख समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं।

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